पेट्रोल पंप संचालकों को CCTV लेकर प्रशासन के सख्त निर्देश
रायपुर/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ की प्रांतीय राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भारी भीड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शुक्रवार (15 मई) को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद से उपभोक्ताओं में हड़कंप (पैनिक बाइंग) मच गया है। अपनी गाड़ियों का टैंक फुल कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग दोपहिया और चौपहिया वाहन लेकर रायपुर के अलग-अलग ईंधन केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
राजधानी में 'नो लिमिट', लेकिन कुछ पंप हुए 'ड्राई'
दामों में हुई इस भारी वृद्धि के बाद शनिवार (16 मई) की सुबह से ही ईंधन स्टेशनों पर गाड़ियों का तांता लगा हुआ है। अत्यधिक मांग के चलते राजधानी के कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है, जिसके कारण उन्हें 'ड्राई' (तेल उपलब्ध नहीं) घोषित करना पड़ा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मुख्य शहर में पेट्रोल-डीजल की खरीद पर प्रशासन ने कोई सीमा (लिमिट) तय नहीं की है। जिन पंपों पर स्टॉक है, वहाँ लोग अपनी जरूरत के मुताबिक कितना भी तेल डलवा पा रहे हैं।
प्रशासन हुआ अलर्ट, 24 घंटे CCTV चालू रखने के आदेश
पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रशासन की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी ईंधन केंद्रों पर हेल्प-लाइन और इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर्स के पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। मध्य जोन के पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि सभी पंपों को सुचारू रूप से चालू रखा जाए और सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
जमाखोरी रोकने के लिए बोतल और ड्रम में पेट्रोल देने पर बैन
ईंधन की संभावित जमाखोरी को रोकने और हर आम नागरिक तक पेट्रोल-डीजल की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में खुले तौर पर बोतल, केन या ड्रम में पेट्रोल-डीजल बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा तेल खरीदकर पैनिक न फैलाएं।
गरियाबंद में लागू हुई राशनिंग
राजधानी से इतर, गरियाबंद जिले में प्रशासन ने तेल की किल्लत से बचने के लिए ईंधन की लिमिट तय कर दी है। यहाँ लागू किए गए नए नियमों के तहत अब एक बार में दोपहिया वाहनों (टू-व्हीलर) को अधिकतम 300 रुपये और चौपहिया वाहनों (फोर-व्हीलर) को केवल 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल या डीजल दिया जा रहा है।