जयपुर: गुलाबी नगरी में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक स्तर पर विशेष 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त के कुशल निर्देशन और विशेष पुलिस आयुक्त की सीधी निगरानी में अंजाम दिए गए इस पूरे ऑपरेशन के तहत शहर के हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, सक्रिय गैंग के सदस्यों तथा लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपियों के खिलाफ चौतरफा और एक साथ कड़ा प्रहार किया गया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते जयपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सैकड़ों शातिर अपराधियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल हुई है।

चारों जोनों में एक साथ सघन छापेमारी

अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जयपुर उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की विशेष टीमों ने एक ही समय पर मोर्चा संभाला। इस रणनीतिक घेराबंदी के दौरान शहर के चप्पे-चप्पे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की कड़ाई से जांच की गई, साथ ही चिन्हित बदमाशों के संभावित छिपने के ठिकानों पर अचानक दबिश दी गई। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए संवेदनशील तथा अत्यधिक भीड़भाड़ वाले व्यापारिक एवं रिहायशी इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल को मुस्तैद किया गया, ताकि आम नागरिकों के भीतर सुरक्षा और शांति का भाव और अधिक गहरा हो सके।

भारी मात्रा में गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमों का पंजीकरण

इस सघन पुलिसिया धरपकड़ के दौरान कुल तीन सौ तेरह अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया, जिसमें एक शातिर गैंग का सक्रिय सदस्य भी शामिल है। पुलिस की विभिन्न टीमों ने कार्रवाई के दौरान कुल चौदह नए आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनमें अवैध रूप से शराब बेचने के दस मामलों सहित आर्म्स एक्ट, मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एनडीपीएस एक्ट और आरएनसी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे शामिल हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानून का उल्लंघन करने वालों के पास से भारी मात्रा में अवैध शराब के पव्वे भी बरामद कर जब्त किए गए हैं।

लंबित वारंटों का निस्तारण और कानूनी शिकंजा

शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका के चलते पुलिस ने न्यायालयों से लंबित पड़े मामलों पर भी तत्परता से काम किया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत चौवन व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त लंबे समय से फाइलों में दबे पड़े बारह स्थायी वारंटों का पूरी तरह से निस्तारण किया गया और दस गिरफ्तारी वारंटों की तामील करवाते हुए संबंधित आरोपियों को तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया गया। इस कदम से लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहे अपराधियों पर शिकंजा पूरी तरह कस गया है।

गैरकानूनी धंधों पर प्रहार और जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता

विशेष अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाले पुराने अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की वर्तमान गतिविधियों का भौतिक सत्यापन किया और उनसे कड़ी पूछताछ भी की। पुलिस मुख्यालय का साफ कहना है कि शहर में अवैध हथियारों, मादक पदार्थों, अवैध शराब की तस्करी और अन्य सभी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए पुलिस की यह जीरो टॉलरेंस नीति भविष्य में भी इसी तरह पूरी कड़ाई के साथ जारी रहेगी, जिससे शहरवासियों को एक भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिल सके।