बाड़मेर। जिले में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दरिंदगी करने की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। एक रसूखदार आरोपी ने नाबालिग को जबरन गाड़ी में डाला और एक बेहद सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर और अचेत अवस्था में वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पीड़िता के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता से कार्रवाई शुरू कर दी है।

नाबालिग का अपहरण कर सुनसान जगह पर किया कृत्य

यह बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात बीते ११ जुलाई की बताई जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक ने रास्ते से नाबालिग का अपहरण किया और उसे अपनी चौपहिया गाड़ी में डालकर एक निर्जन स्थान पर ले गया। वहां उसने जबरन पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस बर्बरता के कारण पीड़िता बेहोश हो गई थी। होश में आने के बाद वह किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने घर पहुंची और रोते हुए परिजनों को अपने साथ हुई इस आपबीती की पूरी जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

अस्पताल में बयान दर्ज और पोक्सो एक्ट के तहत केस

गंभीर रूप से घायल और डरी-सहमी पीड़िता को परिजन तुरंत स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए त्वरित इलाज शुरू किया। इस घटना की सूचना जैसे ही स्थानीय पुलिस को मिली, पुलिस बल तुरंत अस्पताल पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अस्पताल में ही पीड़िता के प्राथमिक बयान दर्ज किए। इसके बाद परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर महिला पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ पोक्सो कानून और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

अदालती प्रक्रिया और मेडिकल जांच की तैयारी

पुलिस प्रशासन इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को डॉक्टरों के एक विशेष पैनल के जरिए पीड़िता का मेडिकल मुआयना पूरी कानूनी प्रक्रियाओं के साथ संपन्न कराया जाएगा। इसके साथ ही, पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत के समक्ष धारा १६४ के अंतर्गत उसके आधिकारिक बयान भी दर्ज करवाए जाएंगे। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान सीधे तौर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला सेल) बाड़मेर को सौंपी गई है।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित

वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों, मित्रों और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिश दे रही हैं। जांच अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपी के बेहद करीब पहुंचा जा चुका है और कानून की गिरफ्त से दूर भाग रहे इस अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।