सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में अहम बैठक आज
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज होगी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, विकास योजनाओं पर लग सकती है मुहर
बिहार की राजनीति और शासन के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, छह मई को शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट की एक विशेष बैठक बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहटों के बीच आयोजित हो रही इस बैठक को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री राज्य की जनता के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के साथ-साथ मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के सचिव भी शिरकत करेंगे। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक के माध्यम से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा के स्तर में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे सकती है।
पिछली बैठक के बड़े फैसले और पुलिस महकमे में व्यापक सुधार
इससे पहले 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास की गति को तेज करते हुए कुल 63 प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दी थी। उस बैठक के दौरान एक प्रमुख फैसला पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर 'पटना जू' करने का लिया गया था। इसके अतिरिक्त, गृह विभाग के अंतर्गत राज्य की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा और गया जैसे प्रमुख शहरों में यातायात पुलिस के लिए 485 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई थी। साथ ही पूर्व से मौजूद 1606 पदों के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दिखाई गई थी, जिससे शहरी क्षेत्रों में जाम की समस्या से निपटने में मदद मिल सके।
पदोन्नति के अवसरों और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की तैयारी
पिछली कैबिनेट में पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया गया था, जिसमें बिहार पुलिस अवर निरीक्षक और उसके समकक्ष सृजित 20,937 पदों में से आधे पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने के लिए चिन्हित करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज होने वाली बैठक में इसी तरह के बड़े प्रशासनिक और ढांचागत फैसलों की उम्मीद की जा रही है। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से पहले और मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री कुछ ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे सकते हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता और प्रदेश के विकास को मिले।
रोजगार और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रह सकती है आज की चर्चा
आज शाम होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में निवेश बढ़ाना और रोजगार के नए सृजन करना हो सकता है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में खाली पड़े पदों को भरने और नई परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सभी विभागों के सचिवों को महत्वपूर्ण प्रस्तावों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक फाइलों पर त्वरित निर्णय लिया जा सके। इस बैठक के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह बैठक सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने वाली साबित होगी।