लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आॅक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिये वृहद स्तर पर प्रयास किये जा रहे है। साथ ही सके युक्तिसंगत व तर्कसंगत उपयोग के लिए भी आॅक्सीजन आडिट की व्यवस्था शुरू की गयी है, ताकि आॅक्सीजन बचत कर उसका अधिकतम सदुपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर प्रदेश में आॅक्सीजन की मांग को तत्परता से पूरा करने के उद्देश्य से आॅनलाइन मानीटरिंग की जा रही है जिसके लिये गृह विभाग में एक विशेष कन्ट्रोल रूम भी बनाया गया है। इस कन्ट्रोल रूम में गृह विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी लगातार 24 घंटे परस्पर समन्वय बनाकर कार्य कर रहे है। अपर मुख्य सचिव, गृह, अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि बीते चैबीस घंटे में प्रदेश के भीतर लगभग 600 मीट्रिक टन की रिकार्ड आॅक्सीजन सप्लाई की गयी है। उन्होंने बताया कि यूपी का आॅक्सीजन आवंटन कोटा भी बढ़कर लगभग 850 मीट्रिक टन हो गया है। अवस्थी ने बताया कि रेलवे मार्ग से आॅक्सीजन लाने वाला भी यूपी पहला राज्य है। उन्होने बताया कि उत्तर प्रदेश में आॅक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिये अन्य राज्यों यथा बिहार, उड़ीसा, बंगाल, झारखण्ड में स्थित आॅक्सीजन प्लान्ट से आॅक्सीजन प्रदेश में लाये जाने की व्यवस्था की गयी है जिसकी पूरी आॅन लाइन मानीटरिंग भी की जा रही है।