भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार क्या है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश देश में अब 6वें  नंबर पर पहुंच गया है. प्रदेश में तेजी से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. स्वास्थ सुविधाएं समय पर नहीं मिलने के कारण हालत खराब हैं.

मध्य प्रदेश पिछले हफ्ते तक आठवें पायदान पर था. प्रदेश के ऊपर महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्य हैं. प्रदेश में 17 अप्रैल को 11269 नए केस सामने आए. भोपाल में 1679 नए पॉजिटिव मरीजों का पता चला. अब एक्टिव केस बढ़कर 63 हजार 889 हो गए हैं.  कोरोना से 66 मौतें हुईं.

कब्रिस्तान में जगह पड़ी कम
झदा कब्रिस्तान के बाद अब ओल्ड सेफिया कॉलेज से लगा कब्रिस्तान भी तैयार किया गया है. जेसीबी मशीन से 20 कब्रें एडवांस में खोदी गई हैं. झदा कब्रिस्तान में 16 दिन में 196 शवों को दफनाया गया. झदा कब्रिस्तान में जगह कम पड़ने की वजह से ही दूसरा कब्रिस्तान तैयार किया गया. इधर दूसरी ओर, प्रशासन अकादमी में शुरू हुए कोविड केयर सेंटर में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी. कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बेड की संख्या 150 से बढ़ाकर 300 करने के लिए निर्देश दिए. कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए कंसंट्रेट मशीन लगाई गई.

निगम कर्मचारियों पर भी कोरोना असर
राजधानी में नगर निगम की सुविधाएं प्रभावित हो सकती है. शनिवार को निगम के 48 कर्मचारी संक्रमित हो गए. शुक्रवार को 54 कर्मचारी संक्रमित मिले थे. एक हफ्ते में 100 में पर  निगम कर्मचारियों में संक्रमण का आंकड़ा पहुंचा. कोरोना काल में निगम कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. साथ ही कोरोना के चलते अब राशन दुकानों को भी कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है. बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रशासन ने फैसला किया है कि हितग्राहियों को अप्रैल और मई के एक मुश्त  राशन दिया जाएगा. जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं.