अहमदाबाद | गुजरात समेत देशभर में कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है| अस्पतालों में जगह नहीं, ऑक्सीजन की भी समस्या है| इसके बावजूद लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे| सरकार और प्रशासन पर ठीकरा फोड़ने वाले लोग ही कोविड नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं| सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को प्रशासन होम कोरन्टाइन में उपचार की सलाह दे रहा है| लेकिन होम कोरन्टाइन के कड़े नियम नहीं होने की वजह से संक्रमित मरीज समेत उनके परिजन सुपर स्प्रेडर साबित होने का खतरा मंडराने लगा है| ऐसे में होम कोरन्टाइन के लिए भी सख्त नियम बनाने की मांग तेज हो गई है| होम कोरन्टाइन में उपचार करा रहे मरीजों समेत उनके परिजनों के खिलाफ कई शिकायतें सामने आई है| जिसमें होम कोरन्टाइन मरीज समेत उनके परिजन बेखौफ होकर चहलकदमी करते हैं| खरीदी करने बाजार भी पहुंच जाते हैं| जिनका कई लोगों से संपर्क होगा और संबंधित व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है| इस प्रकार संक्रमित मरीज और उनके परिजनों के बाहर घूमने से संक्रमण बढ़ने का खतरा कई गुना और बढ़ जाएगा| नतीजतन पूरा रिहाइशी क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित कर प्रशासन को प्रतिबंध लगाने पड़ेंगे और इसका खामियाजा उन सभी को भुगतना पड़ेगा जो कोविड नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं| इसलिए जरूरी है कि होम कोरन्टाइन के लिए कड़े नियम बनाए जाएं, ताकि ऐसे लोगों के बाहर निकलने पर रोक लग सके| ऐसी अनेक शिकायतें स्थानीय प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई हैं|