कोरोना वॉरियर डॉ. सतेंद्र मिश्रा के फेफड़े 80% तक संक्रमित; जरूरत पड़ी तो हैदराबाद में फेफड़े ट्रांसप्लांट कराएगी सरकार

फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सतेंद्र मिश्रा को सोमवार सुबह एयर लिफ्ट करके हैदराबाद ले जाया गया। उनका इलाज जारी है। हालत स्थिर बताई जा रही है। इसके पहले रविवार की छुट्टी के बावजूद उनके लिए खास परमिशन लेकर बैंक खुलवाई गई और एयर एंबुलेंस कंपनी का 18 लाख रु. किराया RTGS से भुगतान भी किया। सागर से भोपाल तक 175 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया। सरकार ने जिन्हें यह स्पेशल ट्रीटमेंट दिया, वे डॉक्टर सतेंद्र मिश्रा कौन हैं, पढ़िए-

डॉक्टर सतेंद्र मिश्रा टीबी एंड चेस्ट रोग स्पेशलिस्ट हैं। वे 4 महीने से सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में ड्यूटी दे रहे थे। यहां पर कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते खुद ही संक्रमित हो गए। 12 अप्रैल को उन्हें संक्रमण हुआ। जल्द ही संक्रमण उनके फेफड़ों तक फैल गया। 6 दिन में ही 80% फेफड़े तक संक्रमण फैल जाने से उनकी हालत बिगड़ती गई।

ऐसे में उनको बचाने के लिए लंग्स ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए सरकार और प्रशासन ने उन्हें हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। यहां डॉक्टर अपार जिंदल लंग्स ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञ हैं। वह लंग्स संक्रमण दूर करने और ट्रांसप्लांट के लिए पहचाने जाते हैं। इसलिए डॉ. मिश्रा को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद एयर एंबुलेंस से शिफ्ट कराया गया है। हैदराबाद में डॉ. सतेंद्र मिश्रा की हालत स्थिर बनी हुई है।

डॉक्टर की जान बचाने के लिए रविवार को खुली बैंक:175 किमी के ग्रीन कॉरिडोर से सागर से भोपाल लाए, 18 लाख में एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा; साढ़े 5 घंटे में इलाज शुरू

पहली लहर में भी किया था इलाज

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से पहले डॉ. मिश्रा निजी भाग्योदय हॉस्पिटल में थे। यहां भी डॉ. मिश्रा ने वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान कोविड वार्ड में भर्ती हुए मरीजों का इलाज किया था। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर कई लोगों की जान बचाई है।

मुंबई हेड ऑफिस में कलेक्टर ने बात की तो खुली बैंक

कलेक्टर दीपक सिंह ने एयर एंबुलेंस की राशि का भुगतान करने के लिए मुंबई स्थित बैंक ऑफ इंडिया के मुख्यालय में अफसरों से बात की। तब जाकर सागर संडे को बैंक खुली। दो बैंक कर्मचारियों ने एंट्री और वैरीफिकेशन किया। आरटीजीएस से 18.25 लाख रुपए की राशि बैंगलुरू की आईसीएटीटी हेल्थ सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके बाद एयर एंबुलेंस हैदराबाद से भोपाल के लिए रवाना हुई।