बेंगलुरु. हाल ही में लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान करने वाली कर्नाटक सरकार के सामने नया संकट आ गया है. एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में 3 हजार संक्रमित लोग लापता हैं. इतना ही नहीं, इन गायब लोगों को कॉन्टेक्ट नंबर भी बंद आ रहे हैं. ऐसे में प्रशासन के लिए गायब संक्रमितों का पता लगाना मुश्किल हो गया है. यहां पुलिस से लोगों को तलाशने के लिए कहा गया है.
बेंगलुरु शहर में 3 हजार कोरोना वायरस से संक्रमित लोग गायब हैं. इन्हें पकड़ने के लिए सरकार ने पुलिस को आदेश दिए हैं. राज्य के राजस्व मंत्री आर अशोक ने दावा किया है कि ये गायब लोग बीमारी फैला रहे हैं. कर्नाटक में भी कोविड-19 मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा जारी है.
बुधवार को राज्य में 39 हजार 047 संक्रमण के नए मामले और 229 मौतें दर्ज की गई हैं. कर्नाटक में यह एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा है. वहीं, बेंगलुरु में कुल 22 हजार 596 संक्रमित मिले. मंत्री अशोक ने जानकारी दी है कि पुलिस को इन गायब लोगों का पता लगाने के लिए कहा गया है. वहीं, पुलिस इन लोगों को तलाशने को लेकर अपनी रणनीति पर चुप्पी साधे है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर के सुधाकरने कहा है कि लोगों के गायब होने का मामला बीते एक साल से चला आ रहा है. उन्होंने कहा 'हम लोगों को मुफ्त दवाएं दे रहे हैं, जो 90 फीसदी मामलों को नियंत्रित कर सकती है. लेकिन उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे हैं.' अशोक ने बताया कि ज्यादातर संक्रमितों ने अपने फोन बंद रखे हैं और लोगों को अपने ठिकानों के बार में जानकारी नहीं लगने दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि इससे चीजें और मुश्किल हो रही हैं. उन्होंने कहा 'मुझे लगता है कि बेंगलुरु में कम से कम 2 हजार से 3 हजार लोगों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं और घर छोड़कर चले गए हैं. हम नहीं जानते कि वे कहां गए.'

मंत्री हाथ जोड़कर कर रहे हैं अपील
अशोक संक्रमितों से अपना फोन शुरू करने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने कहा 'मैं उनसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि इस तरह के बर्ताव से कोविड के मामले बढ़ेंगे ही. यह गलत है जब आप अंतिम समय में ICU बिस्तर तलाशते हैं.' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा 'कम से कम 20 फीसदी मरीज हमारे कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं...पुलिस उन्हें अपने तरीके से खोजेगी.' फिलहाल राज्य सरकार ने 14 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है. ये पाबंदियां मंगलवार से शुरू हो गई हैं.