नई दिल्ली । विश्व चैंपियनशिप और 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य नामी खिलाड़ी अजय ठाकुर को नाडा ने अस्थाई रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। पूर्व कप्तान और अर्जुन अवार्डी को व्हेयर अबाउट (टेस्टिंग के लिए अपना पता) नहीं देने पर एंटी डोपिंग गतिविधियों का आरोपी माना गया। व्हेयर अबाउट के लिए नाडा की ओर से तीन नोटिस का जवाब नहीं देने पर उनका मिस टेस्ट घोषित किया है। यह पहली बार है जब नाडा ने बड़े खिलाड़ी को मिस टेस्ट के लिए अस्थाई रूप से प्रतिबंधित किया है। उन पर 19 मार्च से प्रतिबंध लगा है। एंटी डोपिंग सुनवाई पैनल के समक्ष अगर अजय अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए तो उन पर दो साल का प्रतिबंध लग सकता है। ऐसे में अगले वर्ष होने वाले एशियाई खेलों में वह नहीं खेल पाएंगे। नाडा ने अजय को अपने रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) में शामिल कर रखा है। आरटीपी में शामिल होने वाले खिलाडिय़ों को साल में चार बार (तीन माह का एक क्वार्टर पर) अपना व्हेयर अबाउट देना पड़ता है। एक क्वार्टर में पता नहीं देने पर एक नोटिस जाता है। साल में ऐसे तीन नोटिस का जवाब नहीं देने पर वाडा के नियम 2.4 के तहत खिलाड़ी का मिस टेस्ट घोषित कर दिया जाता है, जिसके तहत दो साल के प्रतिबंध का प्रावधान है। नाडा ने व्हेयर अबाउट नहीं भेजने पर कड़ा रुख अपना रखा है।