रेमडेसिविर के 863 इंजेक्शन हुए थे चोरी, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरडी चौरसिया को हटाया; डाॅ. लोकेंद्र दवे को सौंपी कमान

डाॅ. लोकेंद्र दवे को हमीदिया अस्पताल का अधीक्षक बनाया गया है।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल से 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन की चाेरी मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। प्रारंभिक जांच में अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरडी चौरसिया की लापरवाही सामने आई है। इस कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनकी जगह छाती एवं श्वांस रोग विभाग के हेड डाॅ. लोकेंद्र दवे को कमान सौंपी गई है। बता दें कि प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का पहला मामला सामने आया है। भोपाल क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।

सूत्रों ने बताया, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने अस्पताल के सेंट्रल ड्रग स्टोर से रेमडेसिविर चोरी होने के बाद वहां का निरीक्षण किया था। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि अधीक्षक डॉ. चौरसिया को हटाया जा सकता है। सरकार ने भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ये इंजेक्शन गंभीर मरीजों के इलाज के लिए भेजे थे। इंजेक्शन गायब होने की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दरअसल, इससे पहले भी मंत्री सारंग ने अस्पताल का निरीक्षण किया था, तब भी कई कमियां मिली थीं।

एक सप्ताह पहले हटाए जाने वाले थे डाॅ. चौरसिया

सूत्रों का कहना है कि डाॅ. चौरसिया से मंत्री सारंग नाराज चल रहे हैं। एक सप्ताह पहले जब हमीदिया कॉलेज के डीन डाॅ. अरुणा कुमार को हटाया गया था, तब उन्हें भी हटाया जा रहा था, लेकिन कोरोना संक्रमण के हालातों को देखते हुए यह आदेश रोक दिया गया था। इस संबंध में जब मंत्री सारंग से बात की, तो उन्होंने डाॅ. चौरसिया को हटाए जाने की पुष्टि की है। हालांकि अभी आदेश जारी नहीं हुआ है।

35 कर्मचारियों से हो चुकी है पूछताछ

सूत्रों ने बताया कि पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आए हैं कि वारदात में अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी मिले हो सकते हैं। क्योंकि रविवार को जब पुलिस ने स्टोर के फार्मासिस्ट से पूछताछ की, तो महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। उसने बताया, जिस नंबर सीरीज के इंजेक्शन चोरी हुए थे, उसके छह इंजेक्शन दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कोविड पेशेंट को लग चुके हैं।

दिल्ली के इंजेक्शनों की सीरीज का मिलान चोरी हुए इंजेक्शनों की सीरीज से हो गया है। इसके अलावा हमीदिया के D ब्लाॅक में बने कोविड सेंटर के रिकाॅर्ड का मिलान सेंट्रल स्टोर के स्टाॅक से नहीं हो रहा है। मामले में क्राइम ब्रांच अब तक 35 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।