अमेठी । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू के परिसर से बेहिसाब नकदी की बरामदगी पर तंज करते हुए शनिवार को कहा भ्रष्टाचार का यह ‘एटीएम गांधी परिवार में किसका है, इस सवाल के जवाब का इंतजार रहेगा। ईरानी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के गौरीगंज में संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साहू के यहां पड़े आयकर विभाग की छापे का जिक्र करते हुए कहा, नोट गिनते-गिनते इंसान के साथ-साथ मशीन भी थक गई है लेकिन कांग्रेस के भ्रष्ट नेता के घर से पैसा अब भी बरामद हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार के 200 करोड़ रुपए कांग्रेस के एक भ्रष्ट सांसद के घर से निकले। यह गांधी खानदान में किसका एटीएम है, इस सवाल के जवाब का इंतजार रहेगा। उन्होंने कहा, कांग्रेस का यह पहला सांसद नहीं है जो भ्रष्टाचार में लिप्त है। आखिर ऐसा क्यों है कि जहां घोटाला है वहीं कांग्रेस का नेता भी है।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू की ओडिशा स्थित बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी में अब तक 225 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की गई है।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग ने राशि की गिनती के लिये तीन दर्जन से अधिक नोट गिनने वाली मशीनें लगाई हैं। मशीनों की सीमित क्षमता की वजह से बेहिसाब राशि को गिनने में समय लग रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि अलमारियों में रखी 200 करोड़ रुपये की नकदी ओडिशा के बोलनगीर जिले में डिस्टिलरी समूह के परिसर से बरामद की गई है जबकि शेष राशि ओडिशा के संबलपुर तथा सुंदरगढ़, झारखंड के बोकारो और रांची जैसे अन्य स्थानों से बरामद की गई। कुछ रकम कोलकाता से भी मिली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स पर एक हिंदी समाचार पत्र की खबर साझा की जिसमें दावा किया गया है कि झारखंड से कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू से कथित तौर पर संबद्ध एक कारोबारी समूह के विभिन्न ठिकानों से आयकर विभाग ने 200 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के भाषणों को सुनें।।। जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए गांधी नेहरू परिवार का नाम लिए बगैर उसे पर निशाना साधा और कहा, जिस क्षेत्र में वर्षों तक भारत के शीर्ष राजनेताओं ने राज किया हो और यहीं की बदौलत सत्ता सुख भोगते रहे, उन्होंने अमेठी के बारे में नहीं सोचा।