हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने का विधान है। कोई भी शुभ काम हो जैसे 'देवी-देवता की आराधना कलश स्थापना या शादी जैसे शुभ अवसर' दीपक जलाया जाता है। लेकिन बात ये है कि दीपक क्यों जलाते हैं? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक जलाने से कष्ट दूर होते हैं। दीपक का प्रकाश हमारे जीवन में सकारात्मक उर्जा को लाता है साथ ही नकारात्मक उर्जा को बाहर निकालता है।

दीपक जलाने का महत्व:

 यदि प्रतिदिन आप अपने पूजा घर में घी का दीपक जलाते हैं तो दरिद्रता का नाश होगा, आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही धन-दौलत में वृद्धि भी होगी।

 शनिदेव के कष्टों से मुक्ति के लिए तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। धन-वैभव की प्राप्ति के लिए शुद्ध घी का 3 मुखी दीपक गणपति के समक्ष जलाएं।

 सूर्य देव को प्रसन्न करना हो या फिर अपने शत्रुओं से रक्षा के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। काल भैरव जी के यहां सरसों के तेल का दीपक जलाएं, वो शत्रुओं से रक्षा करेंगे।

 हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए चमेली के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि दीपक 3 मुखी हो। ऐसा करने से संकट दूर होते हैं और किसी चीज का भय नहीं रहता है।