आम तौर पर दिल का दौरा किसी को भी पड़ सकता है लेकिन ये सही रहन-सहन से काफी हद तक ठीक रहता है। नियमित दिनचर्या से दिल के दौरे का खतरा कम होता है। जो लोग सुबह के समय नाश्ता नहीं करते और रात का खाना बहुत देर से खाते हैं, उन्हें दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है। अध्यान के दौरान, भोजन संबंधी इन दो आदतों वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने के साथ मौत का खतरा, या एनजाइना (सीने में दर्द) देखा गया है। शोधकर्ताओं ने लोगों को रात के खाने और सोने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर रखने को कहा है1 
अनियमित खान-पान से पेट के चारों ओर अधिक वसा एकत्र हो जाता है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है। इसका एक प्रमुख कारण आज की जीवनशैली भी है। तेज रफ्तार जीवन का मतलब है कि लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं और दिन के शेष समय अनहेल्दी भोजन करते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि नियमित रूप से मध्यम तीव्रता के व्यायाम के साथ संयुक्त शरीर के वजन में 5 प्रतिशत की कमी भी टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को 50 प्रतिशत से अधिक कम किया जा सकता है। इसके अलावा अनियमित खान-पान से डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है। 
टाइप-2 डायबिटीज को एक 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है। जब तक इसका निदान किया जाता है, तब तक अन्य संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। जो लोग मोटे होते हैं, उन्हें जटिल कार्बोहाइड्रेट के सेवन को सीमित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, क्योंकि वे रक्त-शर्करा के स्तर और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इंसुलिन प्रतिरोध वाले लोगों में, इस वृद्धि से आगे वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा हर दिन लगभग 30 से 45 मिनट शारीरिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखें।'
स्वस्थ रहने के लिए अपनायें ये तरीके। 
हर दिन व्यायाम करें और स्वस्थ आहार का सेवन करें।
नियमित अंतराल पर अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करें।
ध्यान और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से तनाव को कम करें।