लुधियाना । कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने से भले ही लोग राहत महसूस कर रहे हो, लेकिन इन दिनों फ्लू ने डाक्टरों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कारण, बच्चों में फ्लू तेजी से फैल रहा है। अस्पतालों में अचानक फ्लू से पीड़ित बच्चे काफी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे शामिल हैं। छह माह तक के बच्चों को तो भर्ती करवाने की नौबत रही है।

दरअसल पिछले साल बच्चे घरों से बाहर नहीं निकले, इसलिए फ्लू के मामले बेहद कम रहे थे। उन्होंने बताया कि इस बार ओपीडी में रोजाना 150 से 200 बच्चे फ्लू की शिकायत के साथ रहे हैं। इन्हें खांसी, जुकाम बुखार की शिकायत होती है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन बच्चों का कोविड स्वाइन फ्लू टेस्ट नेगेटिव रहा है। ये बच्चे पांच से छह दिन के सामान्य इलाज से ही ठीक हो रहे हैं। दूसरी तरफ चिंता की बात यह है कि फ्लू से पीड़ित छह महीने तक के बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। हमारे अस्पताल में रोजाना 15-20 बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। वार्ड फ्लू पीड़ित बच्चों से भरे पड़े हैं।

मौसम बदलने के साथ बढ़ते हैं फ्लू के मामले

मौसम बदलने के साथ फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। फ्लू का वायरस भी छींकने या खांसने से एक से दूसरे तक पहुंचता है। देखने में आया है कि जब घर में किसी बच्चे को खांसी, जुकाम या बुखार होता है तो अभिभावक इसे हल्के में लेकर उसे स्कूल भेज देते हैं। उस बच्चे से फ्लू का वायरस आगे से आगे दूसरों तक पहुंच जाता है। ऐसे में हम अभिभावकों को यही सलाह दे रहे हैं कि अगर उनके बच्चे को फ्लू के लक्षण है तो उसे घर के बाहर लकर जाएं। लक्षण सामने आते ही विशेषज्ञ से जांच करवाएं।