जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण, नियंत्रण के लिए रणनीति बनाने तथा वैक्सीनेशन की स्थिति पर वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों, संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों तथा जिला स्तर के अधिकारियों के साथ लगभग ढाई घंटे तक विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि  राजस्थान मेें एक दिन में 2 हजार 429 कोरोना पॉजिटिव केसेज का आना तथा पूरे देश में इस आंकड़े का एक लाख को पार कर जाना अत्यंत चिंताजनक है। प्रदेश में एक ही दिन में संक्रमित रोगियों की संख्या में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के ये आंकड़े डरावने हैं। इनमें और भी बढ़ोतरी हो सकती है। 
उन्होंने चेताया कि कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार और अधिक कड़े कदम उठा सकती है और सभी लोगों को इसमें सहयोग करना पड़ेगा।  उन्होंने आमजन से कोरोना संक्रमण की स्थिति के संदर्भ में हैल्पलाइन 181 तथा 0141-2922272 पर सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की।गहलोत ने प्रदेश में एक ही दिन में 5.44 लाख लोगों को टीका लगाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए अभियान में जुटे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की यह बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि एक दिन में वैक्सीनेशन की यह देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की गति में हमें और तेजी लाना है। तभी हम कोरोना के प्रसार को नियंत्रित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क पहनने सहित हैल्थ प्रोटोकॉल के अन्य नियमों की पालना करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द और अधिक से अधिक संख्या में लोगों को टीका लगाकर प्रदेश को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावहता से बचाया जाए। इसके लिए उन्होंने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों, अन्य कार्मिकों तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण देख रहे आमजन विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे स्वयं और अपने आस-पास मौजूद 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। गहलोत ने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना गाइड लाइन की पालना करवाने के लिए पूरी सख्ती बरतें। सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने तथा उचित दूरी के नियमों की अवहेलना करने पर जुर्माने के साथ-साथ प्रतिष्ठानों को 72 घण्टे तक सीज करने जैसे कदम उठाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मुकाबले की भावना से काम करते हुए हमें सख्ती के साथ-साथ प्यार और समझाइश से जन अभियान की तर्ज पर हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करवानी है।