लखनऊ । अफगानिस्तान में शिया मुसलमानों के नरसंहार और मस्जिदों पर जारी आतंकवादी हमलों के विरोध में मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव व शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र संघ को पत्र लिखकर नरसंहार के विरोध में कड़े कदम उठाने की मांग की। मौलाना ने कहा कि अफगानिस्तान में लंबे समय से शियों का नरसंहार जारी है जिस के खिलाफ विश्व शांति संगठनों, संयुक्त राष्ट्र और मुस्लिम लीडरों को गंभीरता से विचार करना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से शियों के नरसंहार पर सभी ने चुप्पी साध रखी है।
पत्र में उन्होंने लिखा कि पिछले एक सप्ताह में दो बार, शिया मस्जिदों को आतंकवादियों ने निशाना बनाया है जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो चुके हैं। आतंकवादियों ने पिछले जुमे को कुंदूज सूबे की एक मस्जिद में नमाजियों पर हमला किया था जिसमें सैकड़ों लोग शहीद और घायल हुए थे। मौलाना ने कहा कि आखिर क्या वजह कि अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद लगातार शियों को मारा जा रहा हैं? तालिबान जो अफगानों की सुरक्षा का दावा कर रहे हैं, इन घटनाओं से उनके सारे दावों की पोल खुल गयी है। तालिबान अपराधियों को पकड़ने में नाकामी का शिकार हैं। और सिर्फ सहानुभूति के संदेश जारी करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं।
मौलाना ने कहा कि तथाकथित इस्लामी संगठन और औपनिवेशिक शक्तियां अफगानिस्तान में शियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं। अफगानिस्तान को बिना किसी मुजाहमत के तालिबान के हवाले कर देना अमेरिका की सुनियोजित साजिश है जिसके तहत अल्पसंख्यकों का नरसंहार जारी हैं। उसके बाद पड़ोसी देशों को निशाना बनाया जाएगा। इसलिए हम संयुक्त राष्ट्र, विश्व शांति के लिए जिम्मेदार संगठनों और भारत सरकार से अपील करते हैं कि वो इस संबंध में कड़े कदम उठाते हुए सक्रिय आतंकवादी संगठनो पर लगाम कसें और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।