होली के रंग किसी के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि बाजार में बिकने वाले ज्यादातर रंगों में खतरनाक रसायन मिले होते हैं। इसके साथ ही इस अवसर पर मिलने वाली ज्यादातर मिठाइयों में भी मिलावट होती है। यूं तो रसायनिक रंग और मिलावटी मिठाइयां किसी के लिए भी खतरनाक हो सकती हैं पर गर्भवती महिलाओं को खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। ये चीजें गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे, दोनों ही के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था में महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे बीमार पड़ने और संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। उनके अनुसार, गर्भावस्था में रसायनयुक्त रंग विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। इनसे तंत्रिका तंत्र, किडनी और अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही उसे समयपूर्व प्रसव, बच्चे के विकास से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं कई बार तो ये रंग और मिठाइयां गर्भपात का कारण भी बन सकते हैं। होली पर रंग खेलना है तो खेलें पर उसके लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना ही सबसे अच्छा होता है। इसके साथ ही ज्यादा मिठाइयां और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ के सेवन से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ जाता है जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में घर पर ही मिठाइयां बनाए और सीमित मात्रा में उनका सेवन करें।