गर्भावस्था में हर महिला को कई नए अनुभवों से गुजरना पड़ता है। गर्भवस्थ शिशु के समुचित विकास के लिए भी मां का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक होता है। गर्भावस्था की अवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही मां के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। इस अवस्था में शरीर का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय महिलाओं को शारीरिक के साथ मानसिक तौर पर भी सेहतमंद रहना बहुत आवश्यक होता है। गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक खान-पान का ध्यान रखने के साथ ही हल्का व्यायाम करने की सलाह भी देते हैं। इस समय शरीर में कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन भी होते हैं। जिससे कई बार मन अशांत या शरीर में असहजता का अनुभव होता है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन कुछ आसान से योगासन करने चाहिए। ये आसन गर्भवती महिलाओं की शारीरिक सेहत के साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बहुत फायदेमंद होते हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
शवासन
इस आसन में पूरे शरीर को आराम मिलता है। इस आसन को करने के लिए एक समतल जगह पर दरी या योगा मैट बिछाकर आराम से पीठ के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को शरीर से कुछ दूरी पर रखें और अपने दोनों पैरों को भी फैला लें। शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें। पूरी तरह सांसो पर ध्यान केंद्रित करते हुए आराम से धीरे-धीरे सांस लें। इससे आपकों शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी आराम मिलता है। इस आसन को करने से तनाव से भी राहत मिलती है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान होने वाले मूड स्विंग के लिए ये आसन फायदेमंद रहता है।

सुखासन इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को फैलाकर आराम से बैठ जाएं।

1.अब दाएं पैर को मोड़कर बायीं जांघ के नीचे रखें और बाएं पैर को मोड़कर दायीं जांघ के नीचे रखें। ( पलती मारकर बैठना)

2.अपने कंधे और पीठ को बिना को तनाव डालें सीधा रखें।
 अब आंखों को बंद कर लें और एक केंद्र बिंदु पर अपना ध्यान टिकाएं।

3. शरीर को ढीला छोड़ दें और आराम से सांस लें।
 इस अवस्था में दस मिनट तक रहें।
सुखासन के फायदे और सावधानी-
इस आसन को करने से शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छा होता है।
4.ये मानसिक तनाव को दूर करता है साथ ही अनिद्रा से भी राहत मिलती है।
 इस आसन को क्षमता अनुसार ही करें।
सुखासन करते समय घुटनों को जमीन पर टिकाकर रखें इससे आपकों आसानी होगी
जानुशीर्षासन:

1.इस आसन को करने के लिए आराम से बैठ जाएं। 
अब एक पैर को आगे की ओर फैलाएं और दूसरे पैर को समेटकर रखें।
2.अब अपने धड़ को आगे की ओर झुकाकर अपने पैर के तलवे को छूने की कोशिश करें।
इस अवस्था में शरीर को एक सीन में रखें और कुछ क्षण सांस को रोकने की कोशिश करें।

फायदे और सावधानी:

1.इस आसन को करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और पीठ दर्द में भी आराम मिलता है।

2.मॉर्निंग सिकनेस, थकान और तनाव को कम करने में भी सहायक है।

3.ये शरीर को लचीला बनाता है जिससे नॉर्मल डिलीवरी होने में सहायता मिलती है।
4.इस आसन को करते समय शरीर में ज्यादा दबाव न डालें जितना हो सके अपनी क्षमता अनुसार इस आसन को करें।

5.यदि आपको किसी तरह की परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही ये योगासन करें।