बिलासपुर । सिम्स में अब फिर से नियमित ओपीडी में पहुंचने वालों की संख्या 1200 से पार हो गई है। ऐसे में रोजाना 300 से 400 तक मरीजों को विभिन्न् प्रकार की जांच लिखी जा रही है। जांच की संख्या बढ़ जाने से जांच रिपोर्ट देने में दो से तीन दिन तक का समय लग जा रहा है। ऐसे में मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। सामान्य बीमारी के मरीजों के साथ ही बड़ी संख्या में मौसमी बीमारियों के मरीज सिम्स पहुंच रहे हैं। ऐसे में सिम्स की नियमित ओपीडी में कोरोना काल के पहले की तरह हो गई है।

हर दिन 1200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को कोई कोई जांच भी लिख रहे हैं। इसका असर पैथोलॉजी डिपार्टमेंट के नमूना संग्रहण जांच केंद्र में पड़ रहा है। जांच करवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। वहीं दोपहर दो बजे ओपीडी बंद होने के साथ ही जांच सेंटर बंद कर दिया जाता है। ऐसे में आधे लोगों को जांच के लिए दूसरे दिन बुलाया जा रहा है। वहीं जिनका नमूना लिए जा रहा है, उनकी जांच रिपोर्ट आने में कम से कम तीन से चार दिन का समय लग रहा है। ऐसे में मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है।

निजी जांच सेंटर में जांच कराने की बाध्यता

विभिन्न् प्रकार की जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। ऐसे में तत्काल उपचार नहीं हो पा रहा है। वहीं जिन मरीजों की हालत ज्यादा खराब है, उन्हें निजी सेंटर में जांच करानी पड़ रही है। इसके लिए उनको पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जबकि वही जांच सिम्स में मुफ्त है। कुछ विशेष तरह की जांच रियाती दर पर होती है।