पटना। बिहार के मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा में पिछले एक हफ्ते में एक दर्जन से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। इससे राज्य की कानून व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने पटना में कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के पास एक दूसरे की आलोचना के अलावा कोई और दूसरा मुद्दा नहीं है। जहरीली शराब से दलितों की मौत, भू और बालू माफिया, पलायन और अपराध का कोई जिक्र नहीं कर रहा है। बिहार जिन मुद्दों से प्रभावित हो रहा है उसकी चर्चा सदन में नहीं हो रही है। मुकेश सहनी के मुद्दे पर अनावश्यक रूप से विपक्ष हंगामा कर रहा है।
  उन्होंने कहा कि मेरा आग्रह है कि रोजगार पर सदन में चर्चा हो। शराब तस्करी पर जाप अध्यक्ष ने कहा कि शराबबंदी को लागू हुए पांच वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन शराब की तस्करी नहीं रुक रही है। यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे लेकर गंभीर हैं तो अपनी इच्छाशक्ति जगाएं और दोषियों के खिलाफ कार्यवाई करें। अगर बिहार के सभी थानेदारों का ब्लड टेस्ट कराया जाए तो 80 फीसदी से ज्यादा थानेदार ऐसे मिलेंगे जो रोज शराब पीते हैं। नीतीश जी ने 6 महीने में सजा देने की बात कही थी। लेकिन, आज तक किसी भी बड़े तस्कर को सजा नहीं मिली। शराब की तस्करी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी-अपनी पार्टियों के लिए चंदा इकठ्ठा कर रहे हैं। जैसे पंचायत चुनाव लड़ने वालों से संपत्ति का ब्यौरा मांगा जा रहा है वैसे ही मुख्यमंत्री अपने नेताओं, पदाधिकारियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति का ब्यौरा मांगें। रूपेश हत्याकांड का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि रूपेश की पत्नी को न्याय मिले। उन्होंने भी सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है, इसलिए सरकार को सीबीआई से जांच करवानी चाहिए।