कोटा । कोटा जिले में शुक्रवार को तेज मूसलाधार बारिश के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई है। कनवास और सांगोद उपखंड क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के सारे सपने फीखे पड़ गए हैं। 20 मिनट की बारिश और ओलावृ‎ष्टि से गांव के गलियारों में, सड़कों पर, घरों के आंगन में सफेद चादर बिछ गई तो वहीं बरसाती नालों में आया उफान अपने तेज बहाव के साथ खेतों में कटकर पड़ी फसल तक को बहाकर ले गया। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर ‎दिया है। कनवास उपखंड क्षेत्र के उरना गांव के रहने वाले किसानों प्रेमशंकर गोचर ने बताया कि गांव में शाम 5:30 बजे तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। आंखों के सामने चने के आकार के ओले गिरने लगे। तकरीबन 20 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। उन्होंने कहा ‎कि उरना गांव में हुई बारिश के दौरान गांव के बरसाती नाला उफान पर आ गए। उरना महादेव की पुलिया पर एक से डेढ़ फीट की चादर चली। यह नाले का उफान अपने तेज बहाव के साथ किसान मोहनलाल सुमन की खेत में काटकर सूखाने के लिए डाल रखी 4 बीघा की चने की फसल को बहाकर ले गया। किसान प्रेमशंकर गोचर ने कहा ‎कि उरना, खजूरना, जागलियांहेड़ी, कोर्ट बावड़ी, मंगलपुरा, खोदिया खेड़ी गांव, मोहनपुरा में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों का सब कुछ तबाह कर दिया। प्रभावित किसान इस फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर देख रहै है और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 
इधर, देवली मांझी क्षेत्र के ग्राम पीसाहेड़ा व आसपास के गांवों में देर शाम को तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश और ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं की वजह से खेतों में लहरा रही फसलें नीचे जमीन पर धराशाई हो गई है। तेज हवाओं के कारण बारिश से फसलों में बहुत अधिक नुकसान हुआ है। इस पर सांगोद पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान नंदकिशोर मालव द्वारा प्रशासन से ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान का सर्वे कर किसानों को होने वाले नुकसान का आकलन कर मुवावजा देने की मांग की गई है।