अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से गांधीनगर में भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सिमोन वांग के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल ने मुलाकात की। सिंगापुर का यह शिष्टमंडल अप्रैल महीने के अंत में गुजरात के गांधीनगर में स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज का कार्यालय कार्यरत करने के अंतिम चरण की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुजरात आया है। सिंगापुर के उच्चायुक्त ने उनके इस कार्यालय का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को भावभीना निमंत्रण दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ बातचीत के दौरान सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर गिफ्ट सिटी को वित्तीय एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों की स्थापना के लिए विश्वस्तरीय निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। रूपाणी ने यह भी कहा कि भारत में सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल करने वाले राज्यों में गुजरात अग्रणी है। यही नहीं, गुजरात के एफडीआई इनफ्लो में सिंगापुर दूसरे नंबर का देश है। मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में चर्चा-परामर्श के दौरान सिंगापुर के उच्चायुक्त श्री सिमोन वांग ने साफ तौर पर कहा कि गिफ्ट सिटी में सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज के शुरू होने से सिंगापुर की अन्य अनुषांगिक इकाइयों को भी नया बल मिलेगा। वांग ने सिंगापुर की कंपनियों एवं औद्योगिक इकाइयों के निवेश की पृष्ठभूमि में कहा कि गत वित्तीय वर्ष में सिंगापुर की ओर से 1 बिलियन यानी 1 अरब डॉलर का एफडीआई गुजरात में किया गया है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की कई विख्यात और प्रतिष्ठित कंपनियां जैसे कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की ग्लोबल लीडर कंपनी सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज को कच्छ में पवन ऊर्जा का प्रोजेक्ट कमीशन्ड किया है। सिंगापुर के उच्चायुक्त ने रूपाणी के साथ बातचीत में यह भी कहा कि सिंगापुर की कई कंपनियां गुजरात में खाद्य प्रसंस्करण, हाउसिंग, मत्स्य उद्योग और वित्तीय सेवा के क्षेत्र में भी निवेश को उत्सुक है। सिमोन ने सिंगापुर-गुजरात के बीच व्यापार प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के लिए भी उत्साह दर्शाया। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि सिंगापुर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री इस व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ इस मुलाकात-बैठक में मुख्यमंत्री सह उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.के. दास, उद्योग आयुक्त राहुल गुप्ता और औद्योगिक विस्तार-ब्यूरो (इंडेक्स्ट-बी) की प्रबंध निदेशक नीलम रानी भी मौजूद थीं।