राजस्थान के सीमांत जैसलमेर में 24 फरवरी से शुरु होने वाला विश्व प्रसिद्ध मरु महोत्सव इस बार कई नवीन आकर्षणों से भरा रहेगा। महोत्सव के बारे में जानकारी देते हुए जिला कलक्टर आशीष मोदी ने बताया कि चौबीस से सताईस फरवरी तक आयोजित होने वाले मरु महोत्सव में इस बार कई नवीन आकर्षण ऎसे जोड़े गए हैं जो जैसलमेर के इतिहास में पहली बार होेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मरु महोत्सव के पहले दिन 24 फरवरी को महोत्सव का आगाज शाम छह बजे सोनार किला स्थित श्री लक्ष्मीनाथजी मन्दिर पर आरती से होगा। इसके बाद वहीं से शाम साढ़े छह बजे हेरिटेज वॉक होगी। यह वॉक लक्ष्मीनाथजी मन्दिर से शुरू होकर मुख्य बाजार से होते हुए गड़ीसर झील पहुँचेगी। हेरिटेज वॉक में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागी साफा एवं स्थानीय वेशभूषा में हिस्सा लेंगे।

पहले दिन शाम को छह बजे गड़ीसर झील क्षेत्र में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी। हेरिटेज वॉक के शाम सात बजे गड़ीसर झील पहुंच कर सम्पन्न होने पर चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए जाएंगे। बुधवार संध्या सात से साढ़े सात बजे तक गड़ीसर झील में सामूहिक दीपदान उत्सव होगा। इसमें 21 हजार दीये जलाकर जल में प्रवाहित किए जाएंगे। रात आठ बजे शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में बालीवुड कलाकार कैलाश खैर द्वारा सॉल-फुल प्रस्तुति का आकर्षक कार्यक्रम होगा। इसके बाद दस बजे स्थानीय रंगमंचीय कलाकारों द्वारा परम्परागत लोक नाट्य रम्मत का कार्यक्रम शुरू होगा, जो भोर होने तक चलेगा।

महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को सुबह साढ़े नौ बजे सोनार दुर्ग के प्रथम पोल से विराट शोभायात्रा निकलेगी। यह गोपा चौक, गांधी चौक आदि मुख्य मार्गों से होते हुए साढ़े दस बजे शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंचेगी। शोभायात्रा में सजे-धजे ऊँट, विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागी, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के ऊंट सवार जवान, विभिन्न बैण्ड्स, मूमल-महेन्द्रा की झांकियां आदि शामिल होंगी। इसमें जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधि, शहरवासी शामिल होंगे। इसमें लोक कलाकारों के समूह रास्ते में विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर लोगों को अपनी आकर्षित करेंगे। प्रातः 10.30 बजे शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में दस हजार गोल्डन गुब्बारे छोड़े जाएंगे जो कि जैसलमेर के आसमान को स्वर्णिम आभा से भर देंगे।

इसके बाद 10.45 बजे से डेढ़ बजे तक मरु महोत्सव की विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं होंगी। इनमें साफा बांध, मूमल-महेन्द्रा, मूँछ प्रतियोगिता, मिस मूमल, मिस्टर डेजर्ट प्रतियोगिताएं शामिल हैं। गुरुवार को ही दिन में पूनम स्टेडियम में जाने-माने सैण्ड आर्टिस्ट अजय रावत (पुष्कर) द्वारा मरुस्थलीय लोक जीवन का दिग्दर्शन कराने वाली सैण्ड आर्ट आकृतियां दर्शायी जाएंगी।

इस दिन दोपहर डेढ़ से शाम चार बजे तक जैसलमेर शहर में डाईन विद जैसलमेर कार्यक्रम होगा। इसके तहत गांधी चौक स्थित नाचना हवेली के आगे सभी पर्यटक एकत्रित होंगे तथा वहां से आतिथ्य सत्कार पाने के लिए विभिन्न समूहों में शहरवासियों के घर पहुंच कर जैसाण के लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाएंगे। इस दौरान पर्यटकों की आवभगत वाले स्थलों पर लोक कलाकार लोक वाद्यों की सुमधुर स्वर लहरियों के साथ मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद देंगे। इस कार्यक्रम के दौरान पर्यटक कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों से सीधा संवाद कायम करते हुए अपनी जिज्ञासाओं का शमन कर सकेंगे।

गुरुवार सायं पांच बजे से गड़ीसर झील पर जगमग जैसलमेर की गतिविधियां होंगी। इसके अन्तर्गत गड़ीसर झील को रोशनी से जगमग किया जाएगा। गड़ीसर झील क्षेत्र को राजस्थानी परिवेश की सम्पूर्ण झलक दिखाने वाली विद्युत साज-सज्जा होगी। मरु महोत्सव के मद्देनज़र गड़ीसर क्षेत्र में 24 से 27 फरवरी तक चाराें ही दिन नाईट बाजार लगेगा जो कि देर रात एक बजे तक खुला रहेगा। इसमें फूड स्टॉल्स, पपेट शो, जादू शो, बहुरूपिया कला आदि के कार्यक्रम होंगे। नाईट बाजार में कुल्हड़ में चाय-काफी, नाश्ता, हस्तशिल्प उत्पाद, कशीदाकारी, पेचवर्क, सतरंगी राली, जैसलमेरी पाषाण के जाली-झरोखे, बिना जामण के दूध से दही जमा देने वाला हाबूर का पत्थर आदि का प्रदर्शन एवं विक्रय होगा।

इस दौरान प्री रिकार्डेड म्यूजिक, लोक कलाकारों की जगह-जगह मोरचंग, रावण हत्था, खड़ताल, ढोलक की लहरियों पर प्रस्तुतियां होंगी। सैलानियों के लिए ऊंट की सवारी भी होगी। इस दौरान पर्यटकों के लिए मिस मूमल एवं मिस्टर डेजर्ट की पांरपरिक वेशभूषा में फोटो खिंचवाने की भी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। गुरुवार रात सात से साढ़े सात बजे तक आर्मी बैण्ड प्रदर्शन का कार्यक्रम होगा। इसके बाद साढ़े सात से रात दस बजे तक गड़ीसर झील में विशेष रूप से बनाए तैरते मंच पर मशहूर गायक सूर्यवीर द्वारा रॉकिंग म्यूजिकल नाईट विथ सूर्यवीर की रंगारंग प्रस्तुतियां मन मोहेंगी।

महोत्सव के तीसरे दिन 26 फरवरी शुक्रवार को प्रातः दस से अपराह्न दो बजे तक डेडानगर मैदान में ऊंट श्रृंगार शो, आर्मी बैण्ड प्रदर्शन, शान-ए-मरुधरा, रस्साकशी, कैमल पोलो मैच, महिलाओं के लिए पणिहारी रेस, बीएसएफ द्वारा कैमल टेटू शो, कबड्डी आदि प्रतिस्पर्धाएं होंगी। शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे से सायं चार बजे तक जश्न-ए-जैसाण कार्यक्रम होगा। इसमें जैसलमेर शहर भर में उत्साही शहरवासी पूरे उल्लास के साथ माण्डणा, रंगोली, पेंटिंग, सांगीतिक प्रस्तुति आदि अपनी रुचि की कलाओं का दिग्दर्शन कराएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान पूरा शहर मरु महोत्सव के उल्लास में आनंद की अभिव्यक्ति करता नज़र आएगा। इसमें शहर भर के लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी रहेगी।

शुक्रवार की सुमधुर सांझ खुहड़ी के मखमली रेतीले धोरों पर सजेगी। रात सात से साढ़े सात बजे तक सजे-धजे ऊंटाें से सफारी और कैमल ब्यूटीफिकेशन शो होगा। इसके पश्चात साढ़े सात बजे यौवन छलकाते चांद की रोशनी में धोरों पर लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसमें लोक कलाकारों के साथ ही कबीर कैफे एण्ड अतरंगी बैण्ड द्वारा मनोरम प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

महोत्सव के चौथे और अंतिम दिन शनिवार को सुबह साढ़े छह बजे खाभा फोर्ट परिसर में उगते सूरज की अगवानी में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम होगा। मयूर दर्शन का मनोहारी नज़ारा भी देखने को मिलेगा। इस दौरान पूरे परिसर में रावण हत्था, कमायचा, मोरचंग, अलगोजा आदि पर केन्द्रित पाश्र्व संगीत की लाईव प्रस्तुति होती रहेगी। खाभा फोर्ट में मरु महोत्सव के चारों ही दिन खाना-पीना एट खाभा की परिकल्पना पर ए थीम रेस्टोरेंट संचालित रहेगा। इसके उपरान्त प्रातः 9 से 11 बजे कुलधरा में कैटल शो, वॉल पेंटिंग, रंगोली, माण्डणा आदि का प्रदर्शन होगा।

दोपहर 12.30 से अपराह्न दो बजे तक लाणेला के रण में सिंधी नस्ल के अश्वों की दौड़ और अश्वारोहियों के रोमांचक कार्यक्रम, अश्व नृत्य आदि होंगे। इसमें विभिन्न प्रदेशों के बेहतरीन नस्ल के श्रेष्ठ घोड़े शामिल होंगे। सायं 4 से 6 बजे तक सम के धोरों पर कैमल रेस, कैमल डांस, होर्स डांस, रस्साकशी, सैण्ड आर्ट डिस्प्ले आदि के कार्यक्रम होंगे। शाम सात बजे सम के धोरों पर सुरीलो जैसाण होगा। इसमें इण्डियन आईडल फेम एवं प्ले बेक सिंगर स्वरूप खान और विख्यात सिंगर ममे खान की मशहूर प्रस्तुतियों का दरिया बहेगा। रंगीन आतिशबाजी के साथ चार दिवसीय मरु महोत्सव का समापन होगा।