अमेरिकी कार फोर्ड मोटर कंपनी ने भारत में कार बनाना बंद करने का फैसला किया है। कंपनी देश में अपने तमिलनाडु के चेन्नई और गुजरात के साणंद स्थित दोनों प्लांट्स भी बंद करेगी। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी दे दी है। हालांकि, दोनों प्लांट्स को बंद करने की प्रक्रिया में करीब एक साल का समय लगेगा। इससे चार हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर असर होगा।
10 वर्षों में 2 अरब डॉलर का नुकसान
प्लांट्स बंद करने के अपने फैसले के बारे में कंपनी के एमडी और प्रेसिडेंट अनुराग महरोत्रा ​​ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि कंपनी को काफी नुकसान हो रहा था। पिछले 10 वर्षों में 2 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। इसी के चलते कंपनी को अपने दोनों प्लांट्स को बंद करने का फैसला लेना पड़ा। हालांकि हम अपने ग्राहकों की सर्विस देना जारी रखेंगे।
भारत में कम रही बिक्री
भारत में फोर्ड की बाजार हिस्सेदारी बहुत कम थी। फोर्ड ने 1995 में भारत में प्रवेश किया और भारत में प्रवेश करने वाले पहले वाहन निर्माताओं में से एक है, लेकिन फोर्ड की कारों की बिक्री बहुत खास नहीं रही है। वर्ष 2018-19 में भारत में कुल 92,937 वाहन बिके। इसके मुकाबले साल 2020-21 में 41,875 कारों की बिक्री हुई। वर्तमान में इसकी बाजार हिस्सेदारी 2% से कम है। इसके विपरीत, फोर्ड के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाली हुंडई की वर्तमान में बाजार हिस्सेदारी 18% है।