डायबिटीज और पेट की बीमारियां को दूर रखने में योग सहायक साबित हुआ है। योग में बताये गये आसन अगर आप करते हैं तो डायबिटीज और पेट की बीमारियों से कापफी हद तक बचाव हो सकता है। इसमें लाभकारी आसान हैं। 
मंडूक आसन : इसे करने के लिए जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दोनों हाथों के अंगूठे अंदर करते हुए मुट्ठी बंद कर नाभी के पास लगाएं। सांस अंदर लें और बाहर छोड़ दें। पेट को अंदर करते हुए नीचे आएं और दोनों कंधों को घुटनों पर टिका दें। इस अवस्था में शुरुआत में जितनी देर आरात से हो सके रुकें। वैसे इस आसन को एक से 5 मिनट एक आसन करना है। फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। 
इस आसन को करने का एक तरीका और भी हैं। इसमें भी जमीन या समतल जगह पर वज्रासन में बैठ जाएं। गहरी सांस अंदर लें और फिर पूरा बाहर निकाल दें। अब अपना दाहिना हाथ नाभी को कवर करते हुए उसके ऊपर रख दें। दूसरी हथेली को उसके ऊपर रखें और पहले की तरह नीचे की ओर झुकें। दोनों कंधों को घुटनों पर टिका दें। यथाशक्ति कुछ देर इसी अवस्था में रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस आ जाएं। इस आसन को वज्रासन में करने में दिक्कत हो रही हो तो सुखासन में भी किया जा सकता है।
फायदे :
यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे अग्नयाशय सक्रिय होता है जिससे डायबिटीज के रोगियों को लाभ मिलता है। इस आसन को करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पेट की चर्बी घटती है। यह घुटनों और मांसपेशियों को स्‍ट्रेच करता है। साथ ही यह रीढ़ को आराम देता है और पीठ दर्द या पीठ संबंधी परेशानियों से निजात दिलाता है। यह उदर और हृदय रोग में भी लाभदायक होता है। इस योगसन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। कब्ज, गैस, भूख न लगना, अपच आदि पेट संबंधी रोगों को ठीक करता है।