भिवानी । राज्यसभा सदस्य दीपेन्द्र हुड्डा ने कृषि कानून के खिलाफ जारी किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। हुड्डा ने कहा कि नैतिकता के नाते यह किसानों की जीत है। इसमें सरकार हार गई है। राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र शुक्रवार को किसानों के धरने पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने को नसीहत दी ‎कि कृषि कानून के विरोध में ‎किसान अपनी फसल नष्ट न करें। उन्होंने कहा कि इससे सरकार पर कोई फर्क नहीं नहीं पड़ेगा। हुड्डा ने कहा ‎कि 200 से ज़्यादा किसानों की मौत से भी सरकार को फर्क नहीं पड़ा, इसलिए फसल नष्ट करने से भी क्या फर्क पड़ेगा। राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा भिवानी दादरी रोड स्थित कितलाना टोल पर जारी किसानों के धरने पर समर्थन देने पहुंचे थे। सरकार से भी जल्द किसानों से बात करते हुए उनकी मांगें मानने की अपील की। दरअसल, हुड्डा कृषि क़ानूनों को लेकर किसान आंदोलन को और गति देने को लेकर भिवानी पहुंचे थे। इस दौरान राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इतने लंबे समय तक चले शांतिपूर्वक आंदोलन में नैतिकता के तौर पर सरकार की हार व किसानों की जीत हो चुकी है। सरकार द्वारा किसानों को समझाने के लिए अभियान शुरू करने पर दीपेन्द्र ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को समझाने का नहीं, बल्कि बहकाने का अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में भाजपा मीटिंग की जो वीडियो वायरल हुई थी उससे यह स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा परेशान है कि आखिर किसानों को ये बिल समझ कैसे आ गए। वहीं उन्होंने सूबे के गृह मंत्री द्वारा लव जिहाद को लेकर क़ानून बनाने पर कहा कि सरकार द्वारा पट्टी बांधने से मुद्दा नहीं बदल जाता। क्योंकि आज मुद्दा लव जिहाद नहीं, बल्कि किसान आंदोलन है। इसके साथ ही दीपेन्द्र हुड्डा ने निर्दलीय विधायक बलराज कूंडु के ठिकानों पर रेड को सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग बताया।