धर्म के साथ अपने घर को सजाने संवारने का हर किसी का शौक होता है। इसी बीच में लोग कई तरह से अपने घर सजाने की कोशिश करते हैं। इस सजावट में घर में रखने वाली कई चीज़ों के साथ-साथ पर्दे भी शामिल हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं पर्दों से जुड़ी खास वास्तु टिप्स के बारे में। वास्तु शास्त्र के अनुसार पर्दों की खरीददारी करने से पहले खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि पहले के समय में घर में अधिक पर्दे नही थे, परंतु आज कल घर को अधिक सुंदर बनाने के लिए अधिक गिनती में पर्दे लगाए जाते हैं। घर को नया लुक देने के लिए लोग चुन्नटदार परदे खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे लोगों को एक से ज्यादा या दो परदे खरीदने पड़ते हैं।

प्राचीन समय की बात करें तो लोग घरों में परदे नहीं चिक का उपयोग करते थे। परंतु समय के साथ-साथ परपंरा बदलती चली गई और लोग कमरों को भव्यता प्रदान करने के लिए रंग-बिरंगे व डिजाइनर परदों का उपयोग करने लगे। यही नहीं, आज के समय में लोग अब परदों को कमरे के रंग के मैचिंग के हिसाब से खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घरों में सामान को वास्तु की दिशा के अनुसार तो रखा ही जाता है तो वहीं दिशा के अनुसार रंग का संयोजन किया जा रहा है। घर में लगाए जाने वाले परदे भी इसी के अनुसार लगाए जाते हैं। तो आइए जानते हैं किस दिशा में कौन-से रंग का परदा वास्तु के अनुसार लगाया जाना चाहिए।

जानें 4 खास टिप्स-
वास्तु के मुताबिक ईशान कोण में सफेद रंग तथा क्रीम, हल्के पीले रंग के परदे लगाना लाभदायी होता है।

वास्तु शास्त्री बताते हैं आग्नेय कोण में लाल रंग, मेहरून व सिंदूरी रंग का परदा लगाना चाहिए।

वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं नैऋत्य कोण में हरा, काला परदा लगाना चाहिए।

वायव्य कोण में नीला, स्लेटी व बैंगनी कलर का परदा लगाना चाहिए।

कहा जाता है कि पर्दों को वास्तु के अनुसार घर में लगाने से वास्तु देवता प्रसन्न होते हैं।