जोधपुर. कोरोना की दूसरी लहर (Second wave of corona) में तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे जोधपुर शहर (Jodhpur) के अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने वाले जीवन रक्षक उपकरण (Life saving equipment) ही अब उनके लिये खतरा बन गये हैं. कोरोना काल मे जोधपुर में आए सभी वेंटिलेटर (Ventilator) खराब होने लगे हैं. मरीजों को लगाये जाने वाले इन वेंटिलेटर्स के सेंसर खराब हो रहे हैं. इससे डॉक्टर्स को गंभीर मरीजों की सांसें थमने का डर सताने लगा है.दरसअल कोरोना संक्रमण काल के दौरान डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज को पीएम केयर फंड से 100 वेंटिलेटर मिले थे. पिछले साल जून में मिले इन 100 वेंटिलेटर में से 30 का उपयोग कुछ दिनों बाद अस्पताल के आईसीयू में होने लगा. इस दौरान ये वेंटिलेटर काम करते करते बंद होने लगे. इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर्स ने अस्पताल अधीक्षक को पीएम केयर के सभी वेंटिलेटर का उपयोग रोकने की मांग की है. डॉक्टर्स के साथ नर्सिंग स्टाफ भी इसका उपयोग करने से डरने लगे हैं.

नर्सिंग स्टाफ भी इनके उपयोग करने से घबराने लगे हैं
जोधपुर में एमडीएम अस्पताल स्थित कोरोना विंग में पीएम केयर के वेंटिलेटर खराब होने के बाद अस्पताल के डॉक्टर्स ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. एमके आसेरी को पत्र लिखकर इन वेंटिलेटर का उपयोग रोकने की मांग की है. डॉक्टर्स ने इन वेंटिलेटर को मरीजों के लिए खतरनाक बताया है. इनके फंक्शन में बदलाव होने के कारण नर्सिंग स्टाफ भी इनका उपयोग करने से घबराने लगा है.

वेंटिलेटर के खराब होने पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट
पीएम केयर फंड से मिले वेंटिलेटर के खराब होने की शिकायत पूरे प्रदेश से मिल रही बताई जा रही है. दो दिन पहले सीएम अशोक गहलोत के सामने भी इन खराब वेंटिलेटर की समस्या को बताया गया था. उसके बाद सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से इनकी रिपोर्ट मंगवाई है.