दिल्ली,भारत ने चीनी जहाज से सैन्य उपकरण जब्त होने के बाद अपनी चिंताओं से पेइचिंग को अवगत करा दिया है। पिछले महीने गुजरात के कांडला पोर्ट पर रोके गए जहाज में संवेदनशील सामग्री कराचाी ले जाया जा रहा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि भारत को उम्मीद है कि चीन उपयुक्त कदम उठाएगा ताकि सुनिश्चित हो सके कि चीनी अधिकारी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त नहीं हों जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े। हालांकि, चीन ने भारत की प्रतिक्रिया के बाद दावा किया है कि जहाज में सैन्य सामग्री नहीं थी।
 सैन्य अधिकारियों के मुताबिक हॉन्गकॉन्ग का झंडा लगे 'डा सूई यान' जहाज से जब्त संवेदनशील सामग्री को कराची ले जाया रहा था जिसका इस्तेमाल बलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च करने में किया जा सकता है। रवीश कुमार ने कहा कि जांच से पता चला कि ये ऑटोक्लेव (संवेदनशील सामग्री) है जो भारत के दोहरे इस्तेमाल वाले निर्यात सूची में प्रतिबंधित है और अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे जब्त किया है।

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'इस बारे में हमने चीनी पक्ष को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है और कहा है कि मित्र देश होने के नाते चीन की सरकार उपयुक्त कदम उठाएगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि चीनी अधिकारी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त नहीं होंगे जिससे तनाव बढ़े।'
 
उधर, पेइचिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने झाओ लिजियान ने कहा कि जहाज से जब्त सामग्री हीट ट्रीटमेंट फर्नेस शेल सिस्टम (ऊष्मा उपचार भट्ठी शैल प्रणाली) है जो तनाव बढ़ाने वाला तथा निर्यात नियंत्रण के तहत दोहरे उपयोग वाली सामग्री नहीं है। दोहरे इस्तेमाल वाले उत्पाद या सामग्री नागरिक और सैन्य इस्तेमाल दोनों के लिए होते हैं।