औषधीय पौधा है एलोवेरा कई मायनो में बेहद अहम होता है। एलोवेरा को घृतकुमारी भी कहा जाता है। इसकी पत्तियां कैंसर जैसे असाध्य रोग को ठीक करती हैं। एलोवेरा एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक के रूप में भी काम करता है। एलोवेरा शरीर में जाकर खराब सिस्टम को ठीक करता है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। इसकी 200 से ज्यादा प्रजातियां हैं लेकिन इनमें से 5 प्रजातियां हीं हमारे स्वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी हैं। रामायण, बाइबिल और वेदों में भी इस पौधे के गुणों की चर्चा की गई है। एलोवेरा का रस पीने से कई वीमारियां ठीक होती हैं। आयुर्वेदिक पद्धति के मु‍ताबिक इसके सेवन से वायुजनित रोग, पेट के रोग, जोडों के दर्द, अल्सर, अम्‍लपित्‍त आदि बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसके अलावा एलोवेरा को रक्त शोधक, पाचन क्रिया के लिए काफी गुणकारी माना जाता है।
सीधे जमीन से ही निकलते हैं पत्ते
एलोवेरा में कई गुण है, इसमें 75 प्रतिशत पानी, 70 तरह के मिनरल, एंजाइंम्स, प्रोटीन, एमिनो एसिड और विटामिन होते हैं। इस पौधे के पत्ते सीधे जमीन से ही निकलते हैं। यह 2 से 3 फीट लम्बे और 3 से 4 इंच चौड़े होते हैं। इसके दोनों ओर नुकीले कांटे होते हैं। इसके पत्ते गहरे हरे रंग के मोटे, चिकने और गूदेदार होते हैं। जिन्हें काटने या छीलने पर घी जैसे गुदा (जैल) निकलता है। इसलिए इस पौधे को घृतकुमारी व घी ग्वार भी कहा जाता है।
कैंसर में लाभदायक 
एलोवेरा की पत्तियों का इस्‍तेमाल औषधि के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है। अगर कैंसर व सोराइसिस के मरीज तीन माह तक एलोवेरा का रस पीयें तो इसका उनके शरीर पर अच्छा असर देखने को मिलता है। एलोवेरा में कैंसररोधी तत्व पाये जाते हैं जो कि कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। कैंसर रोगियों के लिए रोज सुबह शाम 50 ग्राम एलोवेरा का रस पीना लाभकारी होता है। एलोवेरा के रस का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे कैंसर ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान रोगी को केला, पपीता, अंकुरित चना व हरी सब्जियां ले सकते हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी पूरा करें
एलोवेरा औषधी हर उम्र के लोग इस्तेमाल कर सकते है और यह शरीर में जाकर खराब सिस्टम को ठीक करता है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। साथ ही एलोवेरा का रस रक्त को साफ करता है और हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। इसके अलावा यह शरीर में सफेद रक्त कणों की संख्या को बढाता है।
त्‍वचा की सुंदरता बढ़ाएं
सनबर्न प्रभावित त्वचा में एलोवेरा जेल बहुत ही लाभदायक है। इसके मॉइश्चराइजिंग, सॉफ्टनिंग, सूदिंग और हीलिंग एक्शन त्वचा पर एक सुरक्षा परत के रूप में कार्य करते हैं। एक बढ़िया त्वचा हाईड्रेटिंग टॉनिक होने के कारण एलोवेरा त्वचा में खोई नमी को लौटाता है, जिससे सन डैमेज के कारण आए काले निशान में बहुत फायदा पहुंचता है। इतना ही नहीं, सनबर्न के कारण आई सूजन और दर्द में भी एलोवेरा जेल का प्रयोग राहत दिलाता है।
एलोवेरा रस सुबहशाम पीने से फैट घटता है। इससे मोटापा कम होता है और शरीर में फुर्ती आती है।
एलोवेरा बालों से डैंड्रफ खत्म करता है। इसे कंडीशनर में मिलाकर लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल चमकदार नजर आते हैं। एलोवेरा में शामिल मॉइश्चराइजिंग एलीमेंट से कोशिकाओं को ऑक्सीजन प्राप्त होती है, जिसकी मदद से डेड त्वचा मुलायम होकर आसानी से बाहर निकल जाती है।
एलोवेरा से होते हैं अनेक लाभ 
एलोवेरा रस को पीने से उर्जा आती है। एलोवेरा में कई तरह के पोषण तत्‍व, विटामिन और मिनरल होते है जो बॉडी सिस्‍टम को सुधार होता है और उसे उर्जा देते है। इसे पीने से शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता भी बढ़ जाती है। एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है। 3 से 4 चम्मदच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में ताजगी व स्फूर्ति बनी रहती है।
दांतों के लिए लाभदायक 
एलोवेरा रस दांतों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोवाइल गुण दांतों को साफ और कीटाणु मुक्‍त रखने में मदद करते है। एलोवेरा रस को माउथ फ्रेशनर के तौर पर भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। एलोवेरा के रस को मुंह में भरने से छाले और बहने वाले खून को भी रोका जा सकता है।
विषैले तत्‍व करता है बाहर 
हमारे शरीर में मौजूद कई तरह के विषैले तत्‍व त्‍वचा को खराब और बॉडी सिस्‍टम पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इसलिए शरीर को डिटॉक्‍स (विषैले तत्‍व) बाहर करने की जरूरत होती है। एलोवेरा रस एक अच्‍छा डिटॉक्‍सीफिकेशन करने वाला पेय है।
अच्छा पाचक
एलोवेरा रस में काफी मात्रा में पाचक तत्व होते हैं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह पेट के रोगो में बहुत फायदा करता है। एलोवेरा रस के नियमित सेवन से कब्ज की समस्‍या भी दूर हो जाती है।