सूरत | गुजरात समेत देशभर में कोरोना की दूसरी लहर डरावनी हो गई है| पहली लहर के दौरान ज्यादातर मामलों में बच्चों संक्रमण से सुरक्षित थे और यदि कोई संक्रमित हो भी गया तो मृत्यु का प्रमाण नहीं के बराबर था| लेकिन दूसरी लहर काफी घातक साबित हो रही है| सूरत में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें 13 साल के एक बच्चे की कोरोना की वजह से जान चली गई| सूरत के मोटा वराछा क्षेत्र के निवासी और एम्ब्रोइडरी फैक्ट्री मालिक भावेश कोराट के मुताबिक उनके 13 वर्षीय पुत्र ध्रुव रविवार तक पूरी तरह स्वस्थ था और उसमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे| सामान्य बुखार के बाद उसकी तबियत बिगडी और सांस लेने में तकलीफ के बाद उसका एन्टीजन टेस्ट करवाया| जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिन आने के बाद ध्रुव को तुरंत साची होस्पिटल में भर्ती कराया गया| जहां पांच घंटे के उपचार के दौरान ही ध्रुव ने दम तोड़ दिया| ध्रुव के पिता के मुताबिक ध्रुव के शरीर में प्रोटिन नहीं बनने की भी समस्या थी, जिसका भी उपचार चल रहा था| इसी दौरान वह कोरोना की चपेट में आ गया| ध्रुव को रविवार को अस्पताल में सीधे वेन्टीलेटर पर रखा गया था| बता दें कि कुछ दिन पहले वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में नवजात शिशुओं की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और उनके उपचार के लिए अतिरिक्त वार्ड बनाया गया था| वडोदरा, अहमदाबाद और सूरत में कोरोना संक्रमित बच्चों का उपचार चल रहा है|