रायपुर/जयपुर/मुंबई ।  कोरोना के खिलाफ जारी जंग में वैक्सीनेशन का तीसरा चरण एक मई से शुरू होना है. लेकिन भारत में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन प्रोग्राम के चौथे और सबसे अहम चरण पर ब्रेक लगता दिख रहा है। 1 मई से सरकार ने देश की करीब 81 करोड़ की 18+ आबादी को टीका लगाने का ऐलान किया है। इससे पहले ही कोरोना से प्रभावित बड़े राज्यों, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने वैक्सीनेशन टाल दिया है। इन राज्यों ये फैसला वैक्सीन डोज की सप्लाई में हो रही देर की वजह से लिया गया है।
राजस्थान में टीकाकरण कार्यक्रम 15 मई से शुरू किया जाएगा। लेकिन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ ने ये नहीं बताया कि वे 18+ का वैक्सीनेशन कब से शुरू करेंगे।
राज्यों ने बताए ये कारण
राजस्थान सरकार ने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट को वैक्सीन के ऑर्डर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक संस्थान ने इस ऑर्डर को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। सरकार ने कहा कि इंस्टीट्यूट को 3.75 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया गया है, लेकिन ये डोज कब तक मिलेगी ये साफ नहीं है। केंद्र से मिलने वाली वैक्सीन भी लगातार नहीं आ पा रही है। ऐसे में 1 मई से 18+ का वैक्सीनेशन संभव नहीं है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि हम 18+ का वैक्सीनेशन फ्री करेंगे। इसके लिए राज्य सरकार 6500 करोड़ का खर्च उठाएगी। 6 महीने के भीतर 5.71 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट है। लेकिन, 1 मई से वैक्सीनेशन नहीं शुरू किया जा सकेगा, क्योंकि वैक्सीन की कमी है। वैक्सीन निर्माता सीरम और भारत बायोटेक की ओर से जवाब नहीं मिला है।
 भारत बायोटेक ने छत्तीसगढ़ सरकार से कहा है कि उन्हें वैक्सीन जुलाई के अंतिम सप्ताह से पहले नहीं दी जा सकेगी। सीरम से भी वैक्सीन को लेकर कोई जवाब नहीं मिल सकता है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने दोनों कंपनियों को 25-25 लाख डोज का ऑर्डर दिया था। बायोटेक का जवाब आ आ गया है, लेकिन सीरम का नहीं। जवाब मिलने पर ही यह साफ होगा कि 18+ का टीकाकरण कब से शुरू होगा।