भिलाई। ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी शिवानी वैष्णव ने महज 18 साल की उम्र में अपनी प्रतिभा के दम पर खेल जगत में अच्छा नाम कमाया। उन्होंने देश के लिए 24 मेडल जीता, लेकिन, इस होनहार खिलाड़ी को गुजारा करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है।

पिता की तबीयत खराब रहती है। इसी के चलते शिवानी वैष्णव को ताइक्वांडो की कोचिंग चलानी पड़ी। इससे उसे आठ हजार रुपये प्रति माह मिल जाते थे। इसके अलावा घर पर रहकर सिलाई कढ़ाई का काम भी करती है। अभी कोरोना के चलते सिलाई कढ़ाई के साथ ही कोचिंग भी बंद है।

इससे बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पा रहा है।
कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र के डंगनिया निवासी विनय कुमार वैष्णव की पुत्री शिवानी वैष्णव अपने बलबूते 12 साल की उम्र में मार्शल आर्ट ज्वाइन की थी, जिसमें लगातार सफलता मिलती गई। शिवानी वैष्णव ने बताया कि वह ब्लाक स्तर से ताइक्वांडो का सफर शुरू किया जो इंटरनेशनल तक परचम लहराया। शिवानी वैष्णव ने 2017-18 में बलौदाबाजार स्टेट लेबल में स्वर्ण पदक पाया था।

इसके बाद 2018 में ही रायपुर में हुई नेशनल कराते स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता, इसी तरह दिल्ली में 2019-20 नेशनल स्पर्धा आयोजित हुई थी, जिसमें शिवानी भी शामिल हुई और गोल्ड मेडल जीता था, इसी तरह 2019 में इंटरनेशनल ताइक्वांडों के कुकी-वन में कोलकाता में हुई प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता।अब तक शिवानी वैष्णव ने स्टेट लेवल में 15 गोल्ड, पांच सिल्वर और चार ब्रांच मंडल जीता है।

अभी शिवानी मात्र 18 साल की है, जो ताइक्वांडों की स्टेट रेफरी भी है और कुम्हारी में नए युवाओं को प्रशिक्षण देती है। शिवानी ने कहा कि लाकडाउन होने की वजह से प्रतियोगिता भी बंद है और कोचिंग भी इसके चलते काफी परेशानी हो रही है। उनका उद्देश्य कम से कम 100 गोल्ड मेडल जीतने का है, जो कोरोना काल के चलते पूरा नहीं हो पा रहा है।

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विशेष अनुदान के लिए संचालक खेल एवं युवा कल्याण रायपुर को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, जिससे खिलाड़ी को आर्थिक सहायता राशि मिल सके।

-विलियम लकड़ा, सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण जिला दुर्ग