कोलकाता बंगाल में भाजपा की हार पर मेघालय और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत रॉय ने तल्ख बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय, बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और अन्य भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम कीचड़ में घसीटा है। दुनिया के सामने सबसे बड़ी पार्टी के नाम पर धब्बा लगाया।

तथागत रॉय ने कहा- इन्हीं नेताओं ने बंगाल में भाजपा चुनाव मुख्यालय और 7 सितारा होटलों में बैठकर तृणमूल से आए कचरे को टिकट बांटा। अब जब कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट रहा है तो भी ये वहीं बैठकर तूफान के गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। इन्हीं लोगों ने पार्टी की विचारधारा और 1980 से पार्टी की सेवा कर रहे सच्चे स्वयंसेवकों की छवि की सबसे बड़ी आलोचना की है।

आठवीं तक पढ़े स्वार्थी लोगों से क्या उम्मीद करेंगे : रॉय

बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा पर उन्होंने कहा, 'अब जब भाजपा के कार्यकर्ता तृणमूल के जुल्मोसितम का शिकार हो रहे हैं तो ये कैलाश-दिलीप-शिव-अरविंद (KDSA) उन्हें बचाने के लिए नहीं जा रहे हैं। ये लोग तो यह भी नहीं कर रहे हैं कि कार्यकर्ता तृणमूल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ संघर्ष करें। ये लोग तो बस इसी बात से सुकून हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा की टैली 3 से 77 तक पहुंच गई है।'

उन्होंने कहा, 'घटिया, निराश और स्वार्थी लोगों का ऐसा समूह, जिनके पास राजनीतिक समझ नहीं है, आकलन करने की क्षमता नहीं है और न ही बंगाली संवेदनाओं का कोई आभास है। ऐसे लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं, जो आठवीं तक पढ़े हैं और जिनके पास मिस्त्री का सर्टिफिकेट है।'

रॉय बोले- चुनाव के बाद दो आशंकाएं, जिनसे भजापा खत्म होगी

उन्होंने कहा- कुछ लोग पूछते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार क्यों न ठहराया जाए? 130 करोड़ की आबादी वाले देश के केंद्रीय नेतृत्व को राज्य की लीडरशिप की तरफ से ब्रीफ किया जाना समझ के परे है। अब मुझे दो चीजों की आशंका नजर आ रही है। पहली- जो कचरा तृणमूल से आया है, वो वापस जाएगा। दूसरा- हो सकता है भाजपा के कार्यकर्ताओं को अगर पार्टी के भीतर बदलाव नजर नहीं आया तो वो भी चले जाएंगे और यह बंगाल में भाजपा का अंत होगा।