कोटा. कोचिंग सिटी कोटा (Kota) में कोरोना संक्रमण (Corona infection) की बेकाबू रफ्तार से मेडिकल सिस्टम वेंटिलेटर (Ventilator) पर आ गया है. कोटा में प्रतिदिन डेढ़ हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen cylinder) की खपत हो रही है. इसके बावजूद भी कई मरीजों को समय पर ऑक्सीजन  नहीं मिल पा रही है. हालात ऐसी हो गई है कि अब तो ऑक्सीजन की कमी के कारण सिस्टम की भी सांसें उखड़ने लगी है. अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं. इनमें से ज्यादातर मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं.यहां एक दिन पहले सोमवार रात को मेडिकल कॉलेज में स्थित कोविड सेंटर में ऑक्सीजन की कमी हो गई. इस दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहे मरीज मछलियों की तरह तड़पने लगे. कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण तीन-चार मरीजों की मौत हो गई. लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की मौत होने की पुष्टि नहीं की है.

करीब दो-ढाई घंटे बंद रही ऑक्सीजन
सूत्रों के मुताबिक ऑक्सीजन की मारामारी को लेकर सोमवार को देर रात मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था. बताया जा रहा है कि यहां सोमवार देर रात सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक के 4-A (एसएसबी) में ऑक्सीजन के अभाव में तीन चार मरीजों का दम टूट गया. वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि रात 1 बजे अचानक ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई थी. वह अलसुबह साढ़े तीन बजे बाद सुचारू हुई.

मरीजों के परिजनों ने लगाये गंभीर आरोप
मोड़क निवासी फरीद मोहम्मद ने आरोप लगाया कि देर रात को ऑक्सीजन मिलनी बंद हो गई. इससे पूरे वार्ड में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में ऑक्सीजन की सप्लाई चालू करवाई गई लेकिन तब तक तीन चार मरीजों की मौत हो चुकी थ. फरीद के अनुसार उनके रिश्तेदार आसिफ हुसैन ने भी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण दम तोड़ दिया. वहीं बारां निवासी विमल ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया था. एसएसबी के चौथे फ्लोर में A वार्ड में उसका इलाज चल रहा था. सांस लेने में तकलीफ के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर थी. इस सोमवार को देर रात लगभग 1 बजे ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई. वार्ड में मरीजों की चिल्लाने की आवाज आने लगी लगी. वार्ड में 25 से ज्यादा मरीज थे. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से ऑक्सीजन बंद होने की शिकायत की. उन्होंने व्यवस्था होने ने समय लगने की बात कही और कहा कि मरीज के थोड़ा पंपिंग करो. करीब साढ़े 3 बजे बाद ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हुई. जब तक तीन-चार मरीजों की सांसें टूट चुकी थी.

अचानक से लोड बढ़ने से ऑक्सीजन प्लांट भी हांपने लगे हैं
अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों और तीमारदारों की शिकायत है कि वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रॉपर प्रेशर से नहीं पहुंच पा रही है. इस कारण कई बार मरीज की स्थिति बिगड़ने लगती है. कोटा में कोविड-अस्प्ताल में 683 मरीज भर्ती हो चुके हैं।. इनमें से 523 मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ रही है.

हर 15 मिनट में ऑक्सीजन सिलेंडर की गाड़ी आ रही है
कोविड-1 अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट इंचार्ज ने बताया अस्पताल में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं. करीब 500 से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर हैं. ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन का प्रेशर मेंटेन कर पाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हर 15 मिनट में ऑक्सीजन सिलेंडर की गाड़ी आ रही है. कभी-कभी गाड़ी आने में समय भी लगता है. प्लांट में 20 से 40 मिनट में सिलेंडर बदलना पड़ रहा रहा है. इस कारण थोड़े समय के लिए ऑक्सीजन का प्रेशर जरूर डाउन हो जाता है. इससे मरीज को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है.