कोटा । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयास से कोविड के कारण ऑक्सीजन की कमी के बीच राहत मिली है। राजस्थान को आवंटित कोटे के अतिरिक्त 28 मैट्रिक टन आक्सीजन और मिल गई है। गुरुवार को ऑक्सीजन लेकर जामनगर से एक टैंकर कोटा पहुंचा। वहीं राजस्थान की पहली ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन भी 40 मैट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर शुक्रवार सुबह कोटा पहुंच गई है। कोटा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक के संस्थापक सदस्य दीपक राजवंशी ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी का कोटा संभाग के सभी अस्पताल सामना कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को मरीजों को भर्ती करने से इनकार करना पड़ रहा था। बिरला ने इस संबंध में जामनगर रिफाइनरी के उच्च पदस्थ अधिकारियों से लगातार चर्चा की। इसका लाभ यह मिला कि एक तरफ कोटा और बूंदी के अस्पतालों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए राज्य को आवंटित कोटे के अतिरिक्त 28 मैट्रिक टन ऑक्सीजन से भरा एक टैंक कोटा पहुंच गया है। इसे देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं किया जाए। वेंटीलेटर, आईसीयू और ऑक्सीजन बेड्स पर मरीजों को भर्ती कर उनको समुचित उपचार मुहैया कराया जाए।
इस बारे में कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल का कहना है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन में तीन टैंकर्स में 40 मैट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का परिवहन बड़ी सावधानी के साथ किया गया है। रोल ऑन रोल ऑफ यानि रो-रो पद्धति से इसका परिवहन किया गया। इसमें सीधे टैंकर्स को रेलवे की बोगी पर लोड कर दिया जाता है। यह डोर टू डोर सेवा होती है। यह ऑक्सीजन एक्सप्रेस लगभग 920 किलोमीटर का सफर तय करके कोटा पहुंची। बतस उें कि जामनगर से गुरुवार शाम कोटा पहुंचे ऑक्सीजन टैंकर से बूंदी जिले के सभी अस्पतालों के सिलेंडर भी रिफिल किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने कहा कि सभी ऑक्सीजन सिलेंडर भरने के बाद कोविड रोगियों के उपचार में सहायता मिलेगी। साथ ही अतिरिक्त मरीजों का उपचार कर पाना भी संभव हो सकेगा।