जयपुर । प्रदेश में गर्मियों में पेयजल व्यवस्था के समुचित प्रबंधन के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बिना पूर्व अनुमति अवकाश एवं  मुख्यालय छोडऩे पर पाबंदी लगा दी गई है। अगर कोई अधिकारी बिना पूर्वानुमति के अपने मुख्यालय पर अनुपस्थित पाया गया तो इसे गम्भीरता से लिया जाएगा। इस सम्बंध में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत की ओर से आदेश जारी किया गया है। 
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने बताया कि गर्मी के मौसम में निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दायित्व में बढ़ोतरी हो जाती है। ऐसे में यह जरूरी है कि विभागीय अधिकारी और कार्मिक मुख्यालय पर रहते हुए सजगता के साथ अपने दायित्व का सतत रूप से निर्वहन करे। पंत ने बताया कि कुछ प्रकरणों में यह देखा गया है कि अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ देते हैं, इससे जलापूर्ति में व्यवधान की स्थितियां बन सकती है। ऐसे में विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे गर्मी के मौसम में जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए अधिकाधिक समय मुख्यालय पर ही रहे। यदि किसी विशेष या अनिवार्य परिस्थिति में किसी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश लेना पड़े तो उसे अपने वरिष्ठ या सक्षम अधिकारी से औपचारिक पूर्वानुमति लेनी होगी। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन निर्देर्शों की कड़ाई से पालना की हिदायत दी गई है।  जिला एवं खण्ड स्तर पर फील्ड में कार्यरत अधीक्षण अभियंता एवं उच्चतर अधिकारियों को अवकाश लेने के लिए अपने सक्षम अधिकारी से मुख्यालय छोडऩे की पूर्व में अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही उनको इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव के कार्यालय में भी सूचना देनी होगी। यह व्यवस्था आगामी 15 जुलाई तक लागू रहेगी।