नई दिल्ली । कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान समिति के नवनियुक्त प्रमुख पी.एल. पुनिया ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा यूपी में पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान का चेहरा होंगी। पुनिया ने कहा कि कांग्रेस बहुत विरले ही मुख्यमंत्री पद के नाम की घोषणा करती है।अभी तक इसकी घोषणा नहीं करने से पार्टी की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास भाजपा के खिलाफ कमान संभालने के लिए प्रियंका गांधी जैसी शख्सियत है। पुनिया को यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को कांग्रेस की अहम 20 सदस्यीय चुनाव प्रचार अभियान समिति का प्रमुख नामित किया गया है।
पुनिया ने कहा कि यूपी चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, क्योंकि समाजपवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों पिछड़ गए हैं और वे अब मुकाबले में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी सभी मुद्दों पर सच के लिए लड़ी हैं।जब लखीमपुर खीरी की घटना हुई,तब वह तुरंत पीड़ितों के परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गई तथा उन्हें सीतापुर में हिरासत में लिया गया लेकिन वह न्याय के लिए अड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि वह अपने संघर्ष में ‘‘सफल’’ रहीं और पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए लखीमपुर खीरी और बहराइच गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि चाहे सोनभद्र की घटना हो, उन्नाव या हाथरस की घटनाएं हों, प्रियंका गांधी ने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा, इसकारण लोग और अभी पूरा राज्य उनसे प्रभावित है, कोई भी नेता प्रियंका गांधी से ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। जहां तक यह सवाल है कि चुनाव प्रचार अभियान किसके ईर्द-गिर्द होगा,तब हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रियंका गांधी हर समय प्रचार अभियान के लिए उपलब्ध हैं।’’
पुनिया ने कहा कि अन्य राज्यों से भी मांग रहती है कि प्रचार अभियान के लिए प्रियंका गांधी आएं और एक या दो सभाएं करें, लेकिन उत्तर प्रदेश में वह चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी ही हमारा एक चेहरा होंगी जिनके ईर्द-गिर्द पूरा चुनाव प्रचार अभियान चलेगा।उन्होंने कहा कि जिस तरीके से किसानों को ‘‘कुचला गया’’, वह निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे घटिया बात क्या होगी कि जो लोग सत्ता में हैं उन्होंने (अपराध के) दोषियों को संरक्षण दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिना सबूत के किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, जो एक संकेत था कि केंद्रीय मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की मांग करना गलत है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा दोनों मामले में आरोपियों का बचाव करने के ‘‘दोषी’’ हैं।