मुंबई। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, सूचना एवं प्रसारण, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिनाँक 30.3.2021 को फलटण और पुणे के बीच वाया लोनंद डेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के सहकारिता एवं विपणन मंत्री एवं पालक मंत्री, सातारा शामराव उर्फ बालासाहेब पाटील मुंबई से, सांसद रणजितसिंह नाईक निंबालकर व माननीय सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले फलटण से, सांसद गिरिश बापट पुणे से, सांसद श्रीनिवास पाटील,  विधायक चंद्रकांत (दादा) पाटील, विधायक दीपक चव्हाण, विधायक सुनिल कांबले, नगराध्यसक्षा, फलटण नीता नेवासे वीडियो लिंक के माध्यम से जुडें। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं कार्यकारी अधिकारी सुनीत शर्मा एवं पुणेन्दु मिश्रा, सदस्य (ओ एवं बीडी) रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली से तथा मध्य रेल के महाप्रबंधक संजीव मित्तल मुंबई से जुडे एवं स्वागत उद्बोधन दिया। मध्य रेल के अपर महाप्रबंधक बी.के.दादाभोय तथा मंडल रेल प्रबंधक, पुणे रेणु शर्मा फलटण में उपस्थित थी तथा वहीं से उन्होंने आभार प्रदर्शन किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि रेल, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल के मार्गदर्शन में, रेलवे में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा हैं। बायो टॉयलेट के उपयोग से पटरियों और स्टेशन प्लेटफार्मों को स्वच्छ बनाया गया है। यह स्वच्छ भारत का एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में आईआरसीटीसी के सरलीकृत आरक्षण से यात्रियों को तेजी से टिकट प्राप्त करने में मदद मिल रही है। उच्चतम मानकों की सुरक्षा, विद्युतीकरण की प्रगति,  दोहरीकरण,  रेलवे में पोर्ट कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के लिए मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने जैसे बुनियादी ढाँचों ने अर्थव्यवस्था और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण निभाई है। 5000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा प्रदान कि गई हैं जो यात्रियों को विश्वव्यापी वेब तक पहुंचने में सक्षम बनाते हैं और उनके ज्ञान के क्षितिज को खोलते हैं।
- पृष्ठभूमि
फलटण और पुणे के बीच वाया  लोनंद डेमू ट्रेनों की शुरुआत से इस क्षेत्र के लोगों को सामान्य रूप से और किसानों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, छात्र अपनी पसंद के शिक्षण संस्थानों और श्रमिकों तक विशेष रूप से अधिक हरित चरागाहों की तलाश करने के लिए पहुंच जाएंगे। रेलवे, परिवहन का सबसे सस्ता साधन होने के कारण और पुणे से फलटण (वाया लोनंद) के बीच सीधी कनेक्टिविटी उनकी आकांक्षाओं के लिए वरदान साबित होगी। इसके अलावा, फलटण के निवासियों को फलटण से पुणे और वापस के लिए सीधी यात्री ट्रेन कनेक्टिविटी मिलेगी।