मोबाइल और पावर बैंक हो सकते हैं महंगे, इस फैसले का पड़ सकता है असर

मोबाइल और पावर बैंक आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021 के लिए मोबाइल फोन और पावर बैंक के सब-पार्ट्स पर कस्टम्स ड्यूटी (इंपोर्ट ड्यूटी) बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट भाषण में कहा है कि देश में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन्स के सब पार्ट्स और चार्जर्स के पार्ट्स पर छूट को वापस लिया जा रहा है।

अब लगेगी 2.5 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी
मोबाइल फोन्स और चार्जर्स के कुछ पार्ट्स पर अब 2.5 फीसदी कस्टम ड्यूटी (इंपोर्ट ड्यूटी) लगेगी। अब तक, इन पार्ट्स पर कोई ड्यूटी नहीं लगती थी। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से निश्चित रूप से इन मोबाइल पार्ट्स को मंगाना कंपनियों के लिए महंगा पड़ेगा। इसकी भरपाई के लिए मोबाइल कंपनियां आने वाले समय में मोबाइल और पावर बैंक के दाम बढ़ा सकती हैं। कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाने के पीछे सरकार का यह मकसद है कि इन पार्ट्स की देश में ही मैन्युफैक्चरिंग हो।

फिलहाल, हैंडसेट्स पर 22.5 फीसदी की कस्टम ड्यूटी लगती है। इसके अलावा, डिस्प्ले पैनल्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स, मैकेनिक्स और डाई कट पार्ट्स पर भी 10 फीसदी की ड्यूटी लगती है। अभी किसी मोबाइल फोन की टोटल करीब 50 फीसदी बिल वैल्यू के कंपोनेट्स पर कस्टम ड्यूटी देनी पड़ती है।