नई दिल्ली । केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि खेल राज्यों का विषय है, लेकिन अगर केंद्र और संबंधित राज्य मिलकर काम करें तो भारत भविष्य में खेलों की महाशक्ति बन सकता हैं। उन्होंने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से टोक्यो खेलों के उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण देखते हुए कहा खेल राज्यों का विषय है, लेकिन केंद्र ने पिछले कुछ वर्षों में टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना) और खेलो इंडिया को शुरू करने के लिए अपनी तरफ से काफी कुछ किया है। 
उन्होंने कहा पंजाब, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्य पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार और नौकरियों की घोषणा करके खेलों को बढ़ावा देने के मामले में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के मामले में फिलहाल राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा है और इसे जारी रहना चाहिए। भविष्य के लिए मेरा सुझाव है कि देश के लिए पदक विजेता तैयार करने के लिए एक राज्य को एक खेल पर ध्यान देना चाहिए। इस कार्यक्रम में  युवा मामले और खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, दिग्गज भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी, मुक्केबाज अखिल कुमार, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त सहित अन्य लोग भी शामिल हुए।
खेल मंत्री ने कहा इन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय खिलाड़ियों पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया प्रतिस्पर्धा करिए और अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप पर कोई दबाव नहीं है। आपके साथ 130 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं हैं। 
उन्होंने कहा कि हमने दूरदर्शी योजनाओं को तैयार करते समय खिलाड़ियों और उनके हितों को ध्यान में रखा है। पिछले सात वर्षों में हमने भारत के खेल बुनियादी ढांचे में सुधार और विस्तार किया है। उन्होंने कहा आज छोटे शहरों से आने वाले प्रतिभाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है और शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए उन्हें सर्वोत्तम सुविधाएं और पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। हम देश में खेल संस्कृति के निर्माण की दिशा में एक नया दृष्टिकोण लेकर आए हैं। टोक्यो ओलंपिक में रिकॉर्ड 127 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे है।