कोटा. खेती किसानी (Farming) का नाम आते ही उसे करने के परंपरागत तरीके जहन में आते हैं. लेकिन अब प्रदेश के किसान न सिर्फ आधुनिक खेती  कर रहे हैं बल्कि आधुनिक तकनीक (Modern technology) को अपनाकर फसल की पैदावार भी बढ़ा रहे हैं. वे सुरक्षित और स्मार्ट खेती (Safe and smart farming) करने लगे हैं. यहां तक कि वे अब खेती में ड्रोन का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला कोटा में देखने में आया है. यहां किसान कीटनाशक के छिड़काव में ड्रोन (Drones) का इस्तेमाल कर रहे हैं.

आपने अब तक ड्रोन को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से उड़ते देखा होगा या फिर शादी समारोह या अन्य बड़े आयोजनों में फोटोग्राफी करते हुये देखा होगा. लेकिन कोटा के दीगोद क्षेत्र के किसानों के खेतों में इन दिनों यह ड्रोन खेती-बाड़ी में उनका मददगार बन रहा है. कोटा में किसान खेतों में कीटनाशक छिड़कने के लिये ड्रोन की मदद ले रहे हैं. यह किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है.

कम समय में ही पूरे खेत में हो जाता है कीटनाशक का छिड़काव
प्रगतिशील किसान गिरीश शर्मा का कहना है कि ड्रोन की मदद से पैदावार में भी बढ़ोतरी हो रही है. क्योंकि कम समय में ही खेत के पूरे हिस्से में कीटनाशक का छिड़काव ड्रोन आसानी से कर देता है. इसके साथ ही दवा छिड़कने वक्त कई बार किसानों के साथ जहरीले कीड़े, सांप आदि के काटने से जो हादसे होते हैं उनसे भी निजात मिल गई है. वहीं फिजूल में पानी की बर्बादी भी नहीं हो रही है. यह सब काम ड्रोन के जरिए आसानी से किया जा रहा है.


इससे कम पानी का होता है इस्तेमाल
गिरीश शर्मा बताते हैं कि मजदूरों द्वारा कीटनाशक के छिड़काव में पानी अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है. जबकि ड्रोन उचित मात्रा में पानी का इस्तेमाल करके पूरे खेत में कीटनाशक का छिड़काव बखूबी कर देता है. हाड़ौती में किसान स्प्रिंगलर से खेती करने में अब पारंगत होने लगे हैं. आधुनिक खेती करने वाले किसान परंपरागत खेती कर रहे किसानों के लिए नजीर बन रहे हैं. वे अपने साथी किसान भाइयों को भी आधुनिक तकनीक की खेती से रू-ब-रू करवाकर उनको समय के साथ कदमताल कर पैदावार में भी बढ़ोतरी और सुरक्षित खेती किसानी का करने का संदेश दे रहे हैं.