आमतौर पर छुट्टियां खत्म होते ही बच्चे और उनके अभिभावक पर्यटन में जाने की योजना बनाते है। इसके बावजूद बच्चों को कुछ न कुछ पढ़ाई भी करते रहनी चाहिए। मम्मी जब डांटती हैं तो थोड़ी देर पढ़ते हो और फिर खेलने लग जाते हो। पर अब ऐसा नहीं चलेगा। यही सही समय है जिसमें तुम्हें होमवर्प पूरा करना है। जुलाई में तो स्कूल खुल ही जाएंगे। तो आज से ही जुट जाओ। इसे जल्दी से पूरा करने के लिए ये कुछ उपाय हैं। - सबसे पहले देखो कि किस सब्जेक्ट में क्या-क्या होमवर्प मिला था और तुमने उसमें कितना काम खत्म कर लिया है। जो काम रह गया है उसकी लिस्ट बना कर होमवर्प बुक पर लगा दो। इससे तुम्हें ध्यान रहेगा कि किस सब्जेक्ट को कितना समय देना है। इससे होमवर्प कंपलीट करने में आसानी रहेगी। इसके बाद जिस विषय में तुम्हारी रुचि हो, उसका होमवर्प पूरा करो। जैसे यदि विज्ञान (साइंस) अच्छी लगती है तो साइंस का प्रोजेक्ट पहले पूरा कर लो। प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए जो सामान तुम्हें चाहिए उसकी लिस्ट पापा को दे दो, साथ ही आगे का प्रोसेस भी स्टार्ट कर दो। जैसे इस सिलसिले में जिन लोगों से मिलना है उनसे मिलो। डाटा इकट्ठा करने के लिए लाइब्रेरी जाओ, इंटरनेट सर्फ करो। फिर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अपना प्रोजेक्ट पूरा करो। प्रोजेक्ट पूरा करने में तुम बड़े भइया की मदद भी ले सकते हो। दोस्तों के साथ मिल कर भी प्रोजेक्ट बना सकते हो।साइंस के बाद मैथ्स का होमवर्प पूरा करने में जुट जाओ। इसके लिए सुबह का समय अच्छा रहता है। दिमाग एकदम शांत होता है, इसलिए नाश्ता करने के बाद का समय मैथ्स को दो। रोज दो घंटे पढ़ाई करो। इसके बाद पूरा दिन तुम्हारा। दोपहर में घर में खेलो और शाम को गार्डन में। होमवर्प भी कंपलीट हो जाएगा और तुम खेल भी पाओगे। 
मैथ्स और साइंस के होमवर्प कंपलीट होने का मतलब है कि तुमने आधा किला फतह कर लिया। हिन्दी, इंग्लिश, हिस्ट्री तो मम्मी, दीदी की मदद से भी कर सकते हो। दिन में किसी भी समय इन्हें पढ़ो, पर मन लगा कर पढ़ना। सभी सब्जेक्ट का होमवर्प कंपलीट करने के बाद देखना, तुम खुद को कितना कॉन्फिडेंट महसूस करोगे। मम्मी-पापा भी खुश होंगे और मैम भी तुम्हें क्लास के होशियार बच्चों में गिनेंगी।  
ये उपाय भी अपनाए जा सकते हैं: 
होमवर्प करते समय टीवी बंद कर देना, नहीं तो तुम्हारा ध्यान भटकेगा और काम पूरा करने में ज्यादा समय लगेगा। म्यूजिक का शौक है तो धीमी आवाज में रेडियो चला सकते हो। होमवर्प पूरा करने के लिए जो समय निर्धारित करें, उससे 15 मिनट पहले अपने वर्प स्टेशन पर पहुंच कर सारी चीजें व्यवस्थित कर लेना।  
जो काम जिस दिन, जिस समय करना है, उसी समय पूरा करो। अभी कर लूंगा, थोड़ी देर में कर लूंगा, कह कर काम को कल के लिए टालना नहीं। अगर होमवर्प का कुछ पार्ट ऐसा है, जिसे आप खुद सॉल्व नहीं कर सकते, उसे पापा या भइया से समझना है। तो होमवर्प शुरू करने से पहले दिन उसे पापा से समझ लेना। इससे समय बर्बाद नहीं होगा। होमवर्प करते समय हर एक घंटे बाद दस मिनट का ब्रेक ले सकते हो। इस दौरान कोई ड्रिंक या बिस्कुट खाना ठीक रहता है। प्रोजेक्ट वर्प पर पूरा ध्यान दो। प्रोजेक्ट वर्प के दौरान तुम खेल-खेल में ऐसी जानकारियां पाते हो, जिनके बारे में तुम्हें पहले पता नहीं होता। यही नहीं, इससे तुम्हारी प्रिएटिविटी भी बढ़ती है। पढ़ते समय मन में कोई सवाल आए तो उसे पापा-मम्मी से पूछो। जैसे पढ़ते समय अगर लाल किले का जिप्र आए और उसे देखने का मन करे तो पापा के साथ देखने जाओ। इससे पढ़ाई भी हो जाएगी और एंटरटेनमेंट भी। किसी भी सब्जेक्ट को होमवर्प बोझ समझकर मत करना। उसे मन लगा कर पढ़ना और अच्छे से समझना। इस वक्त पढ़ा गया कोर्स भविष्य में भी काम आ सकता है। जैसे अगर तुम हिन्दी-इंग्लिश को सिर्फ कोर्स समझकर पढ़ने के बजाय मन लगा कर पढ़ते हो। ग्रामर पर ध्यान देते हो तो इन पर तुम्हारी पकड़ मजबूत होगी। भाषा पर यह पकड़ भविष्य में काम आएगी। हो सके तो होमवर्प पूरा करने के बाद आगे चौप्टर एक बार पढ़ लो। इससे कक्षा में मनोवैज्ञानिक बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।