नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच करीब दो महीने बाद रविवार को कोर कमांडर स्तर (Corps Commander Level) की बैठक हुई. बैठक में मुख्य रूप से पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी पर बातचीत हुई. 13वें स्तर की यह बैठक पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण चीन की तरफ जाने वाले मोल्डों सीमा पर हुई. दोनों देशों की बीच सैन्य स्तर की यह बातचीत सुबह करीब 10.30 बजे शुरू हुई थी जो की करीब आठ घंटे तक चली जो कि शाम 7 बजे खत्म हुई.

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से लगे कई क्षेत्रों में भारत और चीन के बीच पिछले एक साल से ज्यादा समय से गतिरोध बना हुआ है. इससे पहले दोनों ही देश सैन्य वार्ता के बाद टकराव वाले कई बिंदुओं से पीछे हटे हैं, लेकिन अभी भी जिन क्षेत्रों में सैनिक गतिरोध बना हुआ है वहां से सैनिकों की वापसी के लिए लगातार वार्ता जारी है.
रविवार को कोर कमांडर स्तर की हुई बैठक में क्या हुआ. चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे हटाएगा या नहीं इस पर अभी तक अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

बता दें कि पैंगांग झील में हिंसक झड़प के बाद दोनों ही देशों की तरफ से पूर्वी लद्दाख में हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी गई थी. गतिरोध को कम करने के लिए दोनों ही देश लगातार सैन्य और राजनयिक वार्ता जारी रखे हुए हैं. अगस्त में गोगरा क्षेत्र से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई. इससे पहले फरवरी में दोनों पक्षों ने समझौते के साथ पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटा लिया.