नई दिल्ली। राजस्थान में विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक ऐसा मौका आया जब भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने अपनी ही पार्टी की अशोक गहलोत सरकार को घेर लिया। भरत सिंह ने कहा कि कोरोना काल में अपराधों में तो कमी आई लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों में कोई कमी नहीं आई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस को लेकर सवाल किया कि, सरकार की ऐसी क्या मजबूरी होती है कि वह भ्रष्टाचार के ट्रैक रिकॉर्ड वाले अधिकारी को ही एसपी, कलक्टर और आईजी जैसे पदों पर लगा देती है। फिर भ्रष्टाचार के केस में पकड़े जाने पर उन्हें जेल में बंद करना पड़ता है। हालांकि स्पीकर डॉ. सीपी ने विधायक भरत सिंह के इस सवाल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, प्रश्नकाल स्पेसिफिक प्रश्न पूछे जाने के लिए है ना कि जनरल पॉलिसी पर डिस्कशन करने के लिए। दरअसल भरत सिंह कुंदनपुर ने कहा कि जिस कोटा संभाग से वे खुद आते हैं, वहां बीते सात महीनों में करप्शन के 32 मामले सामने आये हैं। साथ ही विधायक भरत सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बारां, दौसा और उदयपुर में जो अधिकारी नियुक्त किए गए हैं उनके बारे में सदन में मंत्री जानकारी दें। स्पीकर ने भरत सिंह से कहा कि अगर निरीक्षक के बारे में कोई सवाल पूछना है तो पूछ सकते हैं। लेकिन भरत सिंह द्वारा सवाल नहीं पूछे जाने पर स्पीकर ने अगला सवाल पुकार लिया।