कोटा। अपने अपराधों की जेलों में सजा भुगत रहे वृद्ध एवं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कैदियों के अच्छे व्यवहार को देखते हुए उनकी सजा खत्म होने से पहले ही राज्य सरकार ने राजस्थान दिवस पर उनको रिहा कर दिया। इस कड़ी में कोटा में 24 कैदियों को रिहा किया गया। राज्य सरकार की पहल पर जेल से कुल 86 कैदियों को रिहा किया जाना है। इस दौरान संभागीय आयुक्त कैलाशचंद मीणा ने रिहा होने वाले कैदियों से कहा कि वे अपने गुनाहों का पश्चाताप उन परिवारों से माफी मांग कर करें जो जाने अनजाने में आपके द्वारा किए गए अपराध का शिकार हुए थे। 
  जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने बताया कि ये वह कैदी थे जिनका सजा के दौरान जेल में आचरण अच्छा रहा था। वहीं ज्यादातर कैदी अपनी अधिकांश सजा को भुगत चुके थे। जेल परिसर में कैदियों की रिहाई एक जश्न के रूप में हुई। कोटा जेल की आर्केस्ट्रा ने सुरीले गीतों से कैदियों की रिहाई पर समा बांध दिया और गीतों से बड़े संदेश भी दिये। जेल से रिहाई के दौरान सभी कैदियों को गीता भी भेंट की गई और उनसे समाज की मुख्यधारा में लौटकर समाज हित में अपना बाकी का जीवन गुजारने की अपील भी की गई। रिहा होने वाले कैदियों ने राजस्थान सरकार की पहल की सराहना की। वहीं कैदियों ने अपने गुनाह से भी तोबा कर शेष जीवन समाज की मुख्यधारा से जुड़कर समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया। रिहा हुआ कैदियों में फूलचंद जैसे कैदी भी शामिल हैं। फूलचंद रिहाई के बाद खासे खुश नजर आए। फूलचंद ने बताया कि सजा के दौरान खुली जेल में उसने अपने बच्चे को इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा को कामयाबी के साथ पास कराने का मिशन पूरा किया। उनके बेटे का आईआईटी कानपुर में दाखिला हो गया।