कैथल। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और किसानों के समर्थन में कुछ युवा किसान अपने एक अलग ही अंदाज़ से किसानी के झंडे को बुलंद कर रहे हैं। कैथल के सबसे व्यस्त पेहवा चौंक पर 10-12 युवा हाथों में हॉर्न बजाओ-किसानों को समर्थन दो के स्लोगन लिए खड़े रहते हैं। ये युवा तो अपनी-अपनी जगह चुपचाप शांतिपूर्ण तरीके से खड़े रहते हैं, लेकिन इनको व किसानी को सपोर्ट करने वाले लोग हॉर्न भी बजाते हैं और किसान जिंदाबाद के नारे भी लगाते हैं।
  चौक पर सबसे पहले एक युवा गुरशरण सिंह ने शुरुआत की थी जो बैंक में नौकरी करता है। लेकिन अभी ये काफी संख्या में चौराहे के चारों तरह स्लोगन लिए शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक खड़े रहते हैं। ये सभी युवा पढ़ने वाले और प्राइवेट जॉब करने वाले है जो दिनभर के अपने काम या नौकरी से फ्री होकर अपना किसानी का हक अदा करते हैं। युवाओं ने ये भी कहा है कि हॉर्न की आवाज़ से हमें पता है थोड़ा शोर तो होता है जिसके लिए हम माफी चाहते हैं। युवाओं ने ये भी कहा कि लोग बढ़-चढ़ कर उन्हें समर्थन करते हैं और हॉर्न व नारे लगाकर उनका हौंसलाफ़जाई भी करते है व साथ कि किसानी की आवाज़ को बुलन्द करते हैं। इन युवाओं ने कहा कि हम काम की वजह से दिल्ली तो नहीं जा सकते लेकिन इस प्रकार से किसानों की आवाज़ तो बुलंद कर ही सकते हैं।