गणतंत्र दिवस पर भावना कांत रचेंगी इतिहास, बनेंगी फ्लाईपास्ट में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट
नई दिल्‍ली। फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत गणतंत्र दिवस पर देश के सबसे बड़े समारोह में हिस्‍सा लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनने जा रही हैं। वो 26 जनवरी को राजपथ पर होने वाले परेड में फ्लाइपास्‍ट का हिस्‍सा बनेंगी। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। आपको बता दें कि भावना कांत भारतीय वायु सेना में लड़ाकू पायलटों में शामिल होने वाली पहली महिला है। साल 2016 में भावना कांत को अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ पहली महिला लड़ाकू पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।
Republic Day में पहली बार महिला Fighter Pilot Bhawana Kanth बनेंगी Parade का हिस्सा |
बिहार के दरभंगा से ताल्‍लुक रखने वाली भावना कांत का जन्‍म बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप में हुआ। यहां उनके पिता IOCL में बतौर इंजीनियर के रूप में काम करते थे। उन्‍होंने अपनी स्कूली शिक्षा बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से की और बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की स्नातक की पढ़ाई पूरी की। भावना बैडमिंटन, वॉलीबॉल और साहसिक खेल खेलना पसंद करती है। उनकी खास रूचि फोटोग्राफी, खाना पकाने, तैराकी और ट्रैवलिंग में है पसंद है।
स्टेज I प्रशिक्षण के बाद भावना को फाइटर स्ट्रीम चुनने का अवसर मिला। उन्‍होंने भारतीय वायुसेना में अपने पहले अनुभव को याद करते हुए कहा कि लड़ाकू विमान किरण पर स्पिन सोलो में उन्‍हें संदेह हो गया था। उन्‍होंने कहा उनके मन में संदेह पैदा होने लगा क्या होगा अगर विमान ठीक नहीं हुआ। उन्‍होंने आगे कहा कि मैंने खुद से कहा कि अगर मैं इसे अभी नहीं करती हूं, तो मैं हमेशा इससे डरती रहूंगी। फिर मेरे अंदर के फाइटर पायलट ने काम संभाला और मैंने खुद से कहा कि मैं ठीक हो जाऊंगी और विमान अच्‍छे से स्पिन हुआ इसलिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।
आपको बता दें कि इंडियन एयरफोर्स का ब्रह्मास्‍त्र राफेल इस साल गणतंत्र दिवस पर पहली बार गर्जन कर अपनी ताकत दिखाएगा। गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट का समापन राफेल विमान के 'वर्टिकल चार्ली फार्मेशन' में उड़ान भरने से होगा। यह जानकारी भारतीय वायुसेना ने सोमवार को दी है। 'वर्टिकल चार्ली फार्मेशन' में विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरता है, सीधे ऊपर जाता है, उसके बाद कलाबाजी खाते हुए फिर एक ऊंचाई पर स्थिर हो जाता है।