नई दिल्ली. होली (Holi) और उसके बाद चार से छह दिन तक बाजार में चिकन के रेट (Chicken Rate) आसमान छू रहे थे. कम लो या ज्यादा दुकानदार मोलभाव करने को भी तैयार नहीं हो रहे थे. रिटेल बाजार में ही चिकन के रेट 240 रुपये किलो से लेकर 260 रुपये किलो तक पहुंच गए थे. लेकिन अब होली के बाद चिकन के रेट 200 रुपये किलो भी नहीं रहे. कुछ ऐसा ही हाल चिकन टंगड़ी (Chicken Tangri) और लॉलीपॉप का है. देश ही नहीं एशिया की सबसे बड़ी चिकन मंडी कही जाने वाली गाजीपुर मंडी (Ghazipur Mandi) में अब होली जैसी वो भीड़ भी देखने को नहीं मिल रही है.

गौरतलब रहे दिल्ली-एनसीआर ही नहीं उसके आसपास के शहरों में भी गाज़ीपुर मंडी से रोज़ाना करीब 5 लाख मुर्गों की सप्लाई होती है. लेकिन ऐसा भी माना जा रहा है कि कोरोना के डर ने चिकन बाजार को भी अपनी चपेट में ले लिया है.

गाज़ीपुर मंडी में रचना पोल्ट्री के नाम से चिकन का कारोबार करने वाले जमील बताते हैं कि चिकन का बाज़ार कैसा भी चल रहा हो, लेकिन होली पर बाज़ार में चिकन की डिमांड आने लगती है. इसी के चलते ही चिकन के दाम बढ़ते हैं. इतना ही नहीं दाम की परवाह न करते चिकन की डिमांड भी ज्यादा होने लगती है.


यह है आज गाज़ीपुर मंडी में चिकन का रेट
जमील के मुताबिक आज गाज़ीपुर मंडी में सबसे ऊंचे रेट का चिकन 100 रुपये किलो बिक रहा है. यह रेट 1250 ग्राम वजन वाले मुर्गे के हैं. इसके साथ ही 1400 ग्राम वजन वाला मुर्गा 95 रुपये, 1700 ग्राम का 95 और 2.5 किलो वजन का चिकन भी 95 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है. वहीं 900 ग्राम वजन तक का चिकन 70 रुपये किलो के रेट से बिक रहा है. जबकि कुछ दिन पहले तक यही चिकन 125 और 139 रुपये किलो के रेट पर बिक रहा था. इसी बाजार में चिकन मीट 170 से 180 रुपये किलो तक बिक रहा है. जबकि होली के दौरान 200 से 220 रुपये किलो तक थोक में बिक रहा था.

इस रेट बिक रही है चिकन टंगडी 
जमील बताते हैं कि अगर आप चिकन के अलग-अलग हिस्से खरीदना चाहते हैं तो आज मंडी में चिकन टंगड़ी नंबर 11 एक किलो 220, 10 नंबर 200 और 7-8 नंबर 180 रुपये के भाव से बिक रही है. जबकि चिकन थाई 250 रुपये किलो बिक रही है.